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भारत, May 24, 2026

युवाओं को पाकिस्तानी कहने पर घिरे रिजिजू, कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर ने दिया जवाब

Cockroach Janata Party: कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और डिजिटल आंदोलन की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं।

Cockroach Janta Party

कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर खड़ा हुआ राजनीतिक विवाद (Patrika Graphic)

Cockroach Janata Party vs Rijiju: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे डिजिटल आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) द्वारा दिए गए एक बयान के बाद इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

युवाओं को बताया पाकिस्तानी

रिजिजू ने बिना किसी का नाम लिए संकेत दिया कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विदेशी ताकतों जैसे पाकिस्तान और जॉर्ज सोरोस के प्रभाव से फॉलोअर्स जुटाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में युवाओं की बड़ी और सक्रिय आबादी मौजूद है, जिससे असली और प्रामाणिक फॉलोअर्स मिल सकते हैं।

अभिजीत दिपके का तीखा जवाब

इस बयान के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijit Dipke) ने सोशल मीडिया पर पलटवार किया। उन्होंने एक स्क्रीन रिकॉर्डिंग साझा करते हुए दावा किया कि उनके प्लेटफॉर्म का अधिकांश दर्शक भारत से ही हैं।

दिपके ने रिजिजू से किया सवाल

दिपके ने रिजिजू को टैग करते हुए लिखा कि उनके अनुसार 94 प्रतिशत से अधिक फॉलोअर्स भारत से हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक केंद्रीय मंत्री बिना ठोस आधार के भारतीय युवाओं को विदेशी प्रभाव से जोड़कर क्यों देख रहे हैं।

कैसे शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन?

कॉकरोच जनता पार्टी एक व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान के रूप में शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत तब हुई जब एक अदालती टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर कॉकरोच और परजीवी जैसे शब्द वायरल हो गए। बाद में इस पर सफाई दी गई कि टिप्पणी कुछ फर्जी डिग्री और गलत तरीके से वकालत करने वालों के संदर्भ में थी, लेकिन तब तक यह मुद्दा सोशल मीडिया पर बड़ा ट्रेंड बन चुका था।

युवाओं के मुद्दों से मिला बड़ा समर्थन

अभिजीत दिपके ने इस ट्रेंड को आगे बढ़ाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी नाम से एक ऑनलाइन मंच तैयार किया। धीरे-धीरे यह प्लेटफॉर्म बेरोजगारी, परीक्षा प्रणाली, और भर्ती में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों को उठाने वाला बड़ा डिजिटल आंदोलन बन गया। युवाओं के बीच इस पेज की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और यह कई बड़े राजनीतिक पेजों को फॉलोअर्स के मामले में पीछे छोड़ने लगा।

NEET विवाद के बाद बढ़ी लोकप्रियता

NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के दौरान इस आंदोलन को और अधिक समर्थन मिला। मेडिकल अभ्यर्थियों के गुस्से को आवाज देने के कारण इसकी पहुंच सोशल मीडिया पर और तेजी से बढ़ गई।

वेबसाइट और अकाउंट्स को लेकर गंभीर आरोप

अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया है कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स और वेबसाइट को या तो हैक कर लिया गया है या भारत में ब्लॉक कर दिया गया है। उनका दावा है कि इसके बाद उन्हें धमकियां भी मिलीं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने एक ऑनलाइन याचिका शुरू की थी, जिस पर लाखों लोगों ने समर्थन किया, लेकिन बाद में उनकी वेबसाइट बंद कर दी गई।

कौन हैं अभिजीत दिपके?

अभिजीत दिपके वर्तमान में अमेरिका के बोस्टन में रहते हैं। वह पहले सोशल मीडिया कैंपेन वर्कर रह चुके हैं और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक डिजिटल अभियानों से भी जुड़े रहे हैं। फिलहाल वह Cockroach is Back नाम से एक बैकअप अकाउंट के जरिए अपने अभियान को आगे बढ़ाने का दावा कर रहे हैं।

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