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भारत, Jun 02, 2026

…शिक्षा मंत्री नहीं बदला जाएगा, जो करना हो कर लो- नरेंद्र मोदी पर अरविंद केजरीवाल का हमला

सीबीएसई के शीर्ष अधिकारियों के तबादले, ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद की जांच के लिए समिति के गठन और इस पर अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है।

Arvind Kejriwal

अरविंद केजरीवाल (फोटो-ANI)

CBSE OSM Row: केंद्र सरकार ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया और बोर्ड की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के लिए सेवाओं से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए एक सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, जांच समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस राधा चौहान करेंगी। केंद्र की इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी के संयोजन अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाए है।

केजरीवाल ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

दिल्ली के पूर्व सीएम ने केजरीवाल अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, सीबीएसई के अध्यक्ष और सचिव का तबादला करके मोदी सरकार ने लाखों बच्चों और उनके अभिभावकों के घावों पर नमक छिड़का है। पीएम मोदी ने एक चुनौती दी है - शिक्षा मंत्री नहीं बदलेंगे, जो करना है कर लो।

एस राधा चौहान होगी जांच समिति की अध्यक्षता

इस एक-सदस्यीय समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) की चेयरपर्सन सुश्री एस. राधा चौहान करेंगी। समिति एक महीने के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel & Training) को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

जांच पैनल CBSE द्वारा 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सेवाओं की जांच करेगा। यह प्रक्रिया एक बड़े विवाद में घिरी हुई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि किसी विशेष वेंडर (विक्रेता) को फायदा पहुंचाने के लिए दिशानिर्देशों में ढील दी गई थी।

सीबीएसई अध्यक्ष और सचिव का तबादला

राहुल सिंह वर्तमान में CBSE के चेयरमैन हैं, जबकि हिमांशु गुप्ता CBSE के सेक्रेटरी होने के साथ-साथ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भी हैं। कथित कदाचारों पर सरकार की इस कार्रवाई के चलते, इन दोनों शीर्ष अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है।

यह घटनाक्रम बोर्ड द्वारा हाल ही में शुरू की गई 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) प्रणाली को लेकर बढ़ते विवाद के बीच सामने आया है। एक-सदस्यीय समिति को ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की जांच करने और अपने निष्कर्ष सरकार को सौंपने के लिए कहा गया है।

पुनर्मूल्यांकन पोर्टल शुरू

CBSE ने इस वर्ष कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए यह डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली शुरू की थी। इस नई प्रणाली के तहत, मूल्यांकनकर्ताओं ने उत्तर पुस्तिकाओं की भौतिक (physical) प्रतियों के बजाय उनकी स्कैन की गई प्रतियों का मूल्यांकन किया। इस बीच, विवाद को लेकर बढ़ते विरोध के बीच, CBSE ने मंगलवार को छात्रों के लिए एक 'पुनर्मूल्यांकन पोर्टल' (re-evaluation portal) शुरू किया।

CBSE द्वारा जारी एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह पोर्टल 2 जून को चालू हो गया और 6 जून की मध्यरात्रि तक खुला रहेगा। इस अवधि के दौरान, पात्र छात्र अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं में पाई गई समस्याओं के सत्यापन के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि वे मूल्यांकन से असंतुष्ट हैं, तो वे विशिष्ट उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन का अनुरोध भी कर सकते हैं।

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