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एक झटके में चमक जाएगी 3900 गांवों की किस्मत, ‘आत्मनिर्भर’ बनाने के लिए मोदी सरकार ने कर दिया बड़ा ऐलान

केंद्र सरकार ने दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों में तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। कुल लागत 18,509 करोड़ रुपये है। इससे रेल नेटवर्क में 389 किमी की वृद्धि होगी।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 14, 2026

India Energy Week 2026, Prime Minister Narendra Modi, Goa India Energy Week inauguration,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo-IANS)

चार राज्यों के 12 जिलों की किस्मत बदलने वाली है। केंद्र सरकार ने रेल क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणा कर दी है। केंद्र ने दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को कवर करने वाली तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनकी कुल लागत 18,509 करोड़ रुपये है।

इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 389 किलोमीटर की वृद्धि होगी। परियोजनाओं की योजना पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पर बनाई गई है। इसमें एकीकृत योजना और हितधारक परामर्श के माध्यम से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

3,902 गांवों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी

ये परियोजनाएं लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध संपर्क भी प्रदान करेंगी। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना लगभग 3,902 गांवों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिनकी कुल आबादी लगभग 97 लाख है।

ताजा जानकारी के अनुसार, बढ़ी हुई लाइन कैपेसिटी से मोबिलिटी काफी बढ़ेगी, जिससे इंडियन रेलवे की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सर्विस रिलायबिलिटी बेहतर होगी।

बड़े पैमाने पर डेवलपमेंट होगा

सरकार की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया है- ये प्रोजेक्ट्स पीएम मोदी के न्यू इंडिया के विजन के मुताबिक हैं, जो इलाके के लोगों को 'आत्मनिर्भर' बनाएगा। इससे इलाके में बड़े पैमाने पर डेवलपमेंट होगा और उनके रोजगार/सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के मौके बढ़ेंगे।

इन प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग PM-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान पर की गई है, जिसमें इंटीग्रेटेड प्लानिंग और स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन के जरिए मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक एफिशिएंसी बढ़ाने पर फोकस किया गया है। ये प्रोजेक्ट्स लोगों, सामान और सर्विस की मूवमेंट के लिए आसान कनेक्टिविटी देंगे।

टूरिस्ट जगहों पर जाना होगा आसान

प्रस्तावित कैपेसिटी बढ़ाने से देश भर के कई खास टूरिस्ट जगहों तक रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसमें भावली डैम, श्री घाटनदेवी, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, श्री माता वैष्णो देवी कटरा/श्रीनगर और हम्पी (एक UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट), बल्लारी किला, दारोजी स्लॉथ बेयर सैंक्चुरी, तुंगभद्रा डैम, केंचनगुड्डा, और विजया विट्ठल मंदिर वगैरह जैसे खास आकर्षण शामिल हैं।

ट्रांसपोर्टेशन के लिए खुलेंगे और रास्ते

सरकार के मुताबिक, प्रस्तावित प्रोजेक्ट कोयला, स्टील, आयरन ओर, सीमेंट, लाइमस्टोन/बॉक्साइट, कंटेनर, अनाज, चीनी, फर्टिलाइजर और POL वगैरह जैसी चीजों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए जरूरी रास्ते हैं। इसके अलावा, कैपेसिटी बढ़ाने के काम से 96 मिलियन टन प्रति साल का एक्स्ट्रा माल ढुलाई ट्रैफिक होगा।