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राहुल गांधी की कोशिशें फेल! नहीं माने भूपेन बोरा, 22 फरवरी को भगवा रंग में रंगेंगे असम कांग्रेस के पूर्व चीफ

भूपेन बोरा ने सोमवार (16 फरवरी) को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। पार्टी हाईकमान, जिसमें राहुल गांधी शामिल थे, ने उन्हें मनाने की कोशिश की और इस्तीफा वापस लेने को कहा, लेकिन बोरा ने फैसला नहीं बदला।

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Bhupen Borah

पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा

Assam Politics: असम की सियासत में बड़ा उलटफेर! पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा 22 फरवरी 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होंगे। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को गुवाहाटी में भूपेन बोरा के आवास पर मुलाकात के बाद यह घोषणा की। सरमा ने इसे "घर वापसी" करार देते हुए कहा कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पहले ही उनकी सदस्यता को मंजूरी दे दी है। बोरा के साथ कई अन्य कांग्रेस नेता भी भाजपा में शामिल होंगे, खासकर गुवाहाटी और नॉर्थ लखीमपुर में।

इस्तीफे का ट्विस्ट और कांग्रेस में असंतोष

भूपेन बोरा ने सोमवार (16 फरवरी) को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। पार्टी हाईकमान, जिसमें राहुल गांधी शामिल थे, ने उन्हें मनाने की कोशिश की और इस्तीफा वापस लेने को कहा, लेकिन बोरा ने फैसला नहीं बदला। सरमा ने बताया कि बोरा कांग्रेस में "परिवारवाद" और टिकट वितरण में पक्षपात से नाराज थे। समागुरी विधानसभा उपचुनाव में उनके बेटे का नाम प्रस्तावित था, लेकिन राकिबुल हुसैन के बेटे तंजील हुसैन को टिकट मिला, जो हार गए। बोरा ने 2021 में कांग्रेस-AIUDF गठबंधन का भी विरोध किया था और हाईकमान को पत्र लिखे थे।

हिमंता सरमा की मुलाकात और वादे

मंगलवार शाम सरमा बोरा के घर पहुंचे, जहां बोरा की पत्नी और बेटे ने आरती उतारी। सरमा ने कहा, "भूपेन बोरा असम कांग्रेस में आखिरी मान्यता प्राप्त हिंदू नेता हैं। भाजपा में उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा। राज्य अध्यक्ष दिलीप सैकिया विवरण तय करेंगे। हम उन्हें सुरक्षित सीट से चुनाव लड़वाने में मदद करेंगे।" सरमा ने भाजपा को "मेरिट-आधारित राजनीति" वाली पार्टी बताया, जहां परिवारवाद नहीं चलता।

कांग्रेस को चुनाव से पहले बड़ा झटका

यह घटना असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। बोरा लखीमपुर जिले से हैं और 30 साल से कांग्रेस में सक्रिय रहे हैं। उनका जाना पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठाता है। कांग्रेस ने अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। असम में भाजपा पहले से मजबूत है, और ऐसे नेताओं का आना उसकी स्थिति को और मजबूत करेगा। भूपेन बोरा ने कहा कि वे अपने शुभचिंतकों और लखीमपुर के लोगों से सलाह लेंगे, लेकिन फैसला लगभग तय है। 22 फरवरी को गुवाहाटी में औपचारिक शामिल होने की संभावना है।