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नरसिंहपुर, May 28, 2026

मंडी के शेड बने अस्थायी गोदाम, खुले आसमान के नीचे अन्नदाता और अनाज किसानों को सहना पड़ रही गर्मी

कृषि उपज मंडी में इन दिनों अव्यवस्थाएं किसानों पर भारी पड़ रही हैं। बम्पर आवक के बीच मंडी परिसर के शेड व्यापारियों के खरीदे हुए अनाज से भरे पड़े हैं, जबकि किसान कड़ी धूप में खुले आसमान के नीचे अपनी उपज रखकर बोली लगने का इंतजार करने को मजबूर हैं।

कृषि उपज मंडी में इन दिनों अव्यवस्थाएं किसानों पर भारी पड़ रही हैं। बम्पर आवक के बीच मंडी परिसर के शेड व्यापारियों के खरीदे हुए अनाज से भरे पड़े हैं, जबकि किसान कड़ी धूप में खुले आसमान के नीचे अपनी उपज रखकर बोली लगने का इंतजार करने को मजबूर हैं।

खुले आसमान के नीचे लगे ढेर की बोली लगाते व्यापारी

mismanagement Mandi नरसिंहपुर. कृषि उपज मंडी में इन दिनों अव्यवस्थाएं किसानों पर भारी पड़ रही हैं। बम्पर आवक के बीच मंडी परिसर के शेड व्यापारियों के खरीदे हुए अनाज से भरे पड़े हैं, जबकि किसान कड़ी धूप में खुले आसमान के नीचे अपनी उपज रखकर बोली लगने का इंतजार करने को मजबूर हैं। मंडी प्रबंधन की ढिलाई के चलते किसानों के लिए बनाई गई सुविधाएं अब व्यापारियों के भंडारण स्थल में बदलती नजर आ रही हैं।
मंडी में खरीदी के बाद व्यापारियों द्वारा बड़ी मात्रा में अनाज शेडों में ही जमा रखा जा रहा है। नियमों के अनुसार खरीदा गया अनाज तय समय में गोदाम तक पहुंचाया जाना चाहिए, लेकिन परिवहन खर्च बचाने कई व्यापारी अनाज मंडी परिसर में ही रोक रहे हैं। मंडी प्रबंधन इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रहा है, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। बुधवार को मंडी परिसर में खुले आसमान के नीचे कई किसानों को उपज के ढेर लगाने पड़े, धूप में तपते हुए बोली का इंतजार करना पड़ा। मंडी में बुधवार को करीब 10 हजार क्विंटल की आवक बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि शेड क्रमांक 7 में अनाज की बोली लगती है जो पूरा भरने से किसानों को खुले मैदान में अनाज के ढेर लगाने की नौबत रही।
मंडी में सुबह से ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचने वाले किसानों को शेड में अनाज रखने जगह नहीं मिलती। मजबूरी में उन्हें खुले में अनाज रखना पड़ रहा है। दोपहर में तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच किसान घंटों अपनी उपज की रखवाली करते नजर आते हैं। कई किसान सिर पर गमछा और तिरपाल डालकर धूप से बचने की कोशिश करते दिखे। किसानों का कहना है कि खुले में रखे अनाज के खराब होने और वजन प्रभावित होने का खतरा भी बना रहता है, लेकिन उपज बेचने की मजबूरी में उन्हें यह सब सहना पड़ रहा है। क्योंकि अधिकांश शेड व्यापारियों के अनाज से भरे रहते हैं।


शेड खाली कराने नहीं दिखाई जाती सख्ती
मंडी परिसर में हालात ऐसे बन गए हैं कि किसानों के लिए बनाए गए शेड अस्थायी गोदाम में तब्दील हो चुके हैं। किसानों का आरोप है कि मंडी प्रशासन न तो शेड खाली कराने की सख्ती दिखा रहा है और न ही वैकल्पिक व्यवस्था बना रहा है। इससे हर साल गर्मी के मौसम में किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसानों ने मांग की है कि खरीदे गए अनाज को तत्काल मंडी से बाहर भेजने के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और मंडी की मूल व्यवस्था बहाल हो। किसानों को शेड के नीचे अनाज रखने की सुविधा मिले।
मंडी प्रबंधन की उदासीनता से बिगड़े हालात
किसानों का कहना है कि मंडी में यह स्थिति नई नहीं है। हर साल आवक बढऩे पर शेडों में व्यापारियों का अनाज जमा हो जाता है, लेकिन मंडी प्रबंधन समय रहते कार्रवाई नहीं करता। यदि खरीदे गए अनाज को तय समय सीमा में गोदाम भेजने की व्यवस्था लागू की जाए तो किसानों को खुले में उपज रखने की नौबत नहीं आए। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा सीधे अन्नदाता को भुगतना पड़ रहा है। सीजन में कई बार तो उठाव में देरी से मंडी बंद करने की नौबत तक बनती है जिसका नुकसान सीधे तौर पर किसानों और शासन को होता है।
वर्जन

मंडी में मूंग लेकर आए हैं लेकिन शेड में जगह की बेहद कमी है, व्यापारियों का अनाज भरा है, इसलिए उपज रखने में परेशानी रही। कई किसान धूप में बैठे हैं।
प्रेम सिंह ठाकुर, किसान
यदि खरीदा अनाज समय पर गोदाम भेजा जाए तो किसानों को परेशानी नहीं होगी। यहां नियम सिर्फ कागजों में दिखते हैं। किसान धूप में तपते हैं।
चंद्रप्रताप लोधी, किसान
दोपहर की धूप में अनाज और किसान दोनों तप रहे हैं। मंडी में किसानों के लिए बनी सुविधा ही किसानों को नहीं मिल रही। यह कैंसी व्यवस्था है।
अर्जुन रजक, किसान
अनाज का ढेर तो लगा दिया है, धूप में बोली लगने का इंतजार करना पड़ा, मंडी में व्यवस्थाएं ठीक नहीं है, अनाज रखने शेड खाली होना चाहिए।
सरदार पटेल, किसान
गेहूं के लिए 7 नंबर शेड है, जो जल्दी भर जाता है, अन्य शेड में जहां अनाज रखा है उसका उठाव तो होता रहता है, वैकल्पिक व्यवस्था कैसे हो सकती है।
देवेंद्र ठाकुर, सचिव कृषि उपज मंडी नरसिंहपुर

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