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शहर की स्वच्छता पर लगा ग्रहण, सार्वजनिक स्थानों से गायब हुए डस्टबिन

शहर की स्वच्छता पर लगा ग्रहण, सार्वजनिक स्थानों से गायब हुए डस्टबिन

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Eclipse on city's cleanliness

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Eclipse on city's cleanliness

शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बैलहाई कॉम्पलेक्स सहित शहर के कई प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए डस्टबिन या तो गायब हो चुके हैं या फिर उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। इसका सीधा असर शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर पड़ रहा है और जगह.जगह फैला कचरा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।शहर के प्रमुख चौराहों और बाजार क्षेत्रों में लगाए गए छोटे डस्टबिन घंटेभर में ही भर जाते हैं। इसके बाद दिनभर कचरा सडक़ पर ही जमा रहता है। राहगीरों को गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है, वहीं दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध और गंदगी से जूझना पड़ रहा है। बैलहाई कॉम्पलेक्स जैसे व्यस्त क्षेत्र में डस्टबिन के गायब होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग आते.जाते हैं।दुकानदारों का कहना है कि दुकानों के बाहर पर्याप्त डस्टबिन नहीं होने के कारण ग्राहक मजबूरी में कचरा सडक़ या नालियों में फेंक देते हैं। इससे न केवल गंदगी बढ़ रही है बल्कि नालियां भी जाम हो रही हैं। कई स्थानों पर आवारा जानवर कचरे को इधर.उधर फैलाकर हालात और बदतर कर देते हैं।स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगरपालिका के अधिकारी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बार.बार शिकायतों के बावजूद न तो नए डस्टबिन लगाए जा रहे हैं और न ही पुराने डस्टबिन की नियमित सफ ाई की व्यवस्था की जा रही है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत किए जा रहे दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं। शहरवासियों का कहना है कि समय रहते सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त संख्या में बड़े डस्टबिन लगाए जाएं और उनकी नियमित सफ ाई सुनिश्चित की जाए।