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पोखरण की तरह MP में होगी मिसाइलों की टेस्टिंग, 49 आदिवासी गांव होंगे विस्थापित, विरोध शुरू

MP News: राजस्थान के पोखरण की तर्ज पर अब मध्यप्रदेश भी हथियारों और मिसाइलों की बड़ी टेस्टिंग साइट बनने जा रहा है। 49 गांवों में विस्थापन को लेकर विरोध भी उग्र होता दिख रहा है।

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pokhran model weapons and missile testing

weapons and missile testing in itarsi (फोटो- AI)

MP News: राजस्थान के पोखरण (Pokhran) की तर्ज पर मध्य प्रदेश के इटारसी में भी हथियारों और गोला-बारूद की टेस्टिंग की तैयारी तेज हो गई है। इटारसी स्थित आयुध निर्माणी का केंद्रीय परीक्षण संस्थान ताकू प्रूफ रेंज के विस्तार की योजना पर काम कर रहा है। विस्तार के बाद यहां लंबी दूरी तक मार करने वाले आधुनिक हथियारों और मिसाइलों का परीक्षण संभव हो सकेगा। फिलहाल ऐसी क्षमता न होने के कारण कई हथियारों को परीक्षण के लिए पोकरण भेजना पड़ता है। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि इटारसी का भौगोलिक क्षेत्र पहाड़ियों से घिरा और अपेक्षाकृत कम आबादी वाला है, साथ ही यहां रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग की सुविधा उपलब्ध है, जिससे हथियारों की आवाजाही आसान हो जाती है।

कौन-कौन से हथियारों का होता है परीक्षण

ताकू प्रूफ रेंज में सेना के लिए तैयार किए जाने वाले कई अहम हथियारों की मारक क्षमता जांची जाती है। इनमें T-90 टैंक, धनुष तोप और पिनाका रॉकेट सिस्टम जैसे आधुनिक हथियार शामिल हैं। परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने और मानकों पर खरा उतरने के बाद ही इन्हें भारतीय सेना को सौंपा जाता है। रेंज के विस्तार से अत्याधुनिक और लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले हथियारों की टेस्टिंग भी यहीं संभव हो सकेगी।

रेंज विस्तार का विरोध और विस्थापन की चिंता

हालांकि रेंज विस्तार की इस योजना का स्थानीय स्तर पर विरोध भी शुरू हो गया है। केसला ब्लॉक के 49 गांवों के आदिवासी परिवारों को विस्थापन का खतरा सता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह योजना उनके जल, जंगल और जमीन को प्रभावित करेगी। वे कलेक्ट्रेट का घेराव कर विरोध दर्ज करा चुके हैं। उनका तर्क है कि गांव उजाड़ने वाली किसी भी योजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि विकास और सुरक्षा के साथ किसी का अहित न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा, लेकिन ग्रामीणों की चिंता अभी भी बनी हुई है।