नागौर, Mar 31, 2026

नागौर. शहर के ह्रदय स्थल पर स्थित जड़ा तालाब का लुक जल्द ही बदला हुआ नजर आएगा। इसमें मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप वेस्ट मेटेरियल से आर्ट बनाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी पार्कों को बजट का आवंटन किया गया था। इसी के अनुक्रम में नागौर नगरपरिषद से वेस्ट टू वेल्द पार्क के तहत जगह मांगी गई थी। नगरपरिषद की ओर से जड़ा तालाब का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया था। इसकी स्वीकृति भी पिछले साल ही मिल गई थी। स्वीकृति मिलने के बाद अनुबंध की प्रक्रिया के बाद बाद अब काम शुरू कर दिया गया। इसके लिए दिल्ली की एक एजेंसी को 28 लाख में अनुबंध दिया गया है। प्रोजेक्ट तहत लोहे के पुराने कबाड़ से ऊंट, भारत का नक्शा, टाइगर एवं मोर आदि बनाया जाना है। बजट घोषणा से धरातल तक का सफर
प्रदेश स्तर पर पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए बजट आवंटन के बाद नागौर नगरपरिषद ने जड़ा तालाब को वेस्ट टू वेल्थ पार्क के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार कर भेजा था। इस प्रस्ताव को पिछले साल 18 अगस्त को स्वीकृति मिल गई। इसके बाद प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर अब काम शुरू कर दिया गया है। योजना के क्रियान्वयन के लिए दिल्ली की एक एजेंसी को करीब 28 लाख रुपये में अनुबंधित किया गया है। एजेंसी द्वारा लोहे के पुराने कबाड़ और अनुपयोगी धातु सामग्री से विभिन्न आकर्षक संरचनाएं तैयार की जा रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल पार्क का सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के पुन: उपयोग के प्रति इससे सकारात्मक संदेश भी जाएगा।
कला में दिखेगा राजस्थान और भारत का रंग
इस प्रोजेक्ट के तहत ऊंट, भारत का नक्शा, बाघ और मोर जैसी आकृतियां बनाई जा रही हैं। ऊंट का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। कैमल राजस्थान की पहचान को दर्शाता है। भारत का नक्शा लोगों को देश की भौगोलिक समझ से जोडऩे का माध्यम बनेगा तो, वहीं राष्ट्रीय पक्षी मोर और बाघ अपनी विशिष्ट शैली में पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। नगरपरिषद के अनुसार जड़ा तालाब में विकसित हो रहा यह वेस्ट टू वेल्थ पार्क शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। यहां आने वाले लोगों को न केवल आकर्षक दृश्य देखने को मिलेंगे, बल्कि यह प्रोजेक्ट यह संदेश भी देगा कि कबाड़ समझी जाने वाली वस्तुएं भी सही सोच और रचनात्मकता के साथ मूल्यवान बन सकती हैं।
पर्यावरण एवं वेस्ट उपयोग का संदेश भी मिलेगा
जड़ा तालाब का यह नया रूप शहर की छवि को मजबूत करेगा और इसे एक आधुनिक व पर्यावरण के प्रति जागरूक शहर के रूप में स्थापित करेगा। आने वाले समय में यह स्थान सामाजिक गतिविधियों और घूमने-फिरने के लिए एक प्रमुख स्थल के रूप में उभर सकता है।
गोविंद सिंह भींचर, आयुक्त नगरपरिषद नागौर
Published on: 31 Mar 2026 12:47 pm

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