नागौर, May 23, 2026

फाइल फोटो: पत्रिका
Education Department New Directives: सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों की भूमिका केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों से भी जोड़ा जाएगा। डिजिटल शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत शिक्षकों, संस्था प्रधानों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल टूल्स और नई शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार के कर्मयोगी पोर्टल से कुल 74 ऑनलाइन कोर्स चयनित किए गए हैं। इन कोर्सों में समावेशी शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, समग्र शिक्षा अभियान, डिजिटल लिटरेसी, साइबर सिक्योरिटी, डेटा प्रोटेक्शन, स्कूल सुरक्षा और चाइल्ड प्रोटेक्शन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही चैटजीपीटी और अन्य जनरेटिव एआई टूल्स के उपयोग पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि शिक्षक तकनीक का सही उपयोग कर सकें।
शिक्षा विभाग की ओर से जिला के प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त कंप्यूटर प्रोग्रामर मोहम्मद तनवीर खान ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार सभी शिक्षकों को अपनी आवश्यकता के अनुसार कोर्स का चयन करना होगा और उन्हें समय पर पूरा करना अनिवार्य रहेगा। साथ ही विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और समय-समय पर इसकी मॉनिटरिंग भी की जाएगी। कोर्स पूरा करने के बाद शिक्षकों की प्रगति का मूल्यांकन भी किया जाएगा ताकि प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ स्कूलों में दिखाई दे सके।
प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक एआई आधारित टूल्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग सीखेंगे। इससे वे छात्रों की सीखने की क्षमता का आकलन, पाठ योजना तैयार करने, विषय आधारित सामग्री विकसित करने तथा विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत शिक्षण पद्धति अपनाने में सक्षम होंगे। विभागीय आदेश के अनुसार शिक्षकों को अपनी आवश्यकता के अनुरूप पाठ्यक्रमों का चयन कर उन्हें पूरा करना होगा।
शिक्षाविदों का मानना है कि यदि शिक्षक एआई और डिजिटल टूल्स का प्रभावी उपयोग सीखते हैं तो सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे न केवल पढ़ाई का स्तर सुधरेगा, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
Published on: 23 May 2026 11:56 am

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