नागौर, Jun 01, 2026

वीडियो कॉल स्कैम, फोटो एआइ
Cyber Crime Rajasthan: सोशल मीडिया और वीडियो कॉलिंग एप्स का बढ़ता उपयोग अब साइबर अपराधियों के लिए ठगी का नया माध्यम बनता जा रहा है। नागौर जिले के मेड़ता उपखंड क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें ठग अनजान नंबरों से वीडियो कॉल कर आपत्तिजनक हरकतों की रिकॉर्डिंग बनाकर लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। पुलिस ने आमजन से सतर्क रहने और किसी भी अनजान वीडियो कॉल को रिसीव नहीं करने की अपील की है।
रियाश्यामदास कस्बे के एक युवक के पास शनिवार शाम एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल रिसीव करते ही स्क्रीन पर एक युवती आपत्तिजनक हरकतें करने लगी और कुछ ही सेकंड में कॉल कट गया। करीब आधे घंटे बाद युवक को एक वीडियो भेजा गया, जिसमें उसका चेहरा दिखाई दे रहा था। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से फोन कर वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए 20 हजार रुपए की मांग की गई। घबराए युवक ने साइबर एक्सपर्ट की मदद लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवाए और राहत पाई।
जानकारी के अनुसार हाल ही में सरकारी स्कूल के कर्मचारी, ग्राम पंचायत से जुड़े लोग, ग्रामीण युवक तथा चार महिलाएं भी इस गिरोह के निशाने पर आईं। दो महिलाओं ने बदनामी के डर से 10-10 हजार रुपए तक साइबर ठगों को भेज दिए। अन्य मामलों में करीब एक दर्जन युवकों से कुल 1.12 लाख रुपए की ठगी होने की जानकारी सामने आई है।
साइबर अपराधी किसी युवती के माध्यम से वीडियो कॉल करवाते हैं या फिर पहले से रिकॉर्ड आपत्तिजनक वीडियो स्क्रीन पर चलाकर कॉल करते हैं। कुछ सेकंड की रिकॉर्डिंग के बाद उसे एडिट कर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी जाती है। बदनामी के भय के चलते कई पीड़ित पुलिस में शिकायत भी दर्ज नहीं कराते।
अनजान नंबरों से आने वाले वीडियो कॉल रिसीव नहीं करें। सोशल मीडिया पर मोबाइल नंबर और ई-मेल सार्वजनिक न रखें। यदि कोई ब्लैकमेल करे तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस के अनुसार समय पर सूचना मिलने पर ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव है।
सुरेश चौधरी,थानाधिकारी, गोटन
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Updated on: 01 Jun 2026 10:48 am


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