
ट्रंप भारत-पाक युद्ध रोक सकते हैं, तो मोदी क्यों नहीं? संजय राउत का कटाक्ष (Patrika Photo)
पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच छिड़े भीषण युद्ध ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को इजरायल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर बड़ा हमला किया, जिसके बाद तेहरान ने भी पलटवार करते हुए इजरायल के अलावा छह देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम नेता खामेनेई की मौत हो गई, इसके बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला है। राउत ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता कर युद्ध रोक सकते हैं, तो पीएम मोदी ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे इस भीषण संघर्ष को रोकने में विफल क्यों हैं? जबकि पीएम मोदी खुद को विश्वगुरु कहते है।
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने देश की विदेश नीति पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, वह मौजूदा हालात को विश्व युद्ध जैसी स्थिति मानते हैं और ऐसे समय में भारत जैसे बड़े और शक्तिशाली देश की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होनी चाहिए थी। राउत ने कहा, भारत को इस मामले में स्टैंड लेना चाहिए था, एशिया की प्रमुख ताकत होने के नाते भारत की जिम्मेदारी बनती थी कि वह इस युद्ध को रोकने के लिए पहल करता और शांति स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को ‘विश्वगुरु’ कहलवाते हैं, तो विश्वगुरु की भूमिका यही होती है कि अपने आसपास बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थितियों को रोकने के लिए स्पष्ट रुख अपनाया जाए। राउत ने यह भी सवाल उठाया कि पीएम मोदी की इजरायल यात्रा के तुरंत बाद ईरान पर हमला हुआ और इस घटनाक्रम को किस नजरिए से देखा जाए।
राउत के मुताबिक, ईरान भारत का पुराना और भरोसेमंद मित्र रहा है। कश्मीर मुद्दे पर भी ईरान ने भारत का समर्थन किया और ऊर्जा क्षेत्र में भारत को रियायती दरों पर तेल उपलब्ध कराया, जिससे दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध बने। उनका आरोप है कि जब ईरान पर संकट आया तो भारत के नेतृत्व ने चुप्पी साध ली और अमेरिका व इजरायल के पक्ष में खड़ा दिखा। उन्होंने कहा कि यह रुख इतिहास में दर्ज होगा।
अयातुल्ला खामेनेई के निधन के बाद मध्य पूर्व का राजनीतिक संतुलन बदल सकता है और इसका प्रभाव व्यापक होगा। राउत ने आशंका जताई कि इससे क्षेत्र का भू-राजनीतिक परिदृश्य बदल सकता है और भारत पर भी इसके दुष्परिणाम पड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नेता आते-जाते रहते हैं, लेकिन देश स्थायी है। इसलिए वर्तमान हालात से पैदा हुए खतरों के अंजाम भारत को भविष्य में भुगतने पड़ सकते हैं और इसके लिए पीएम मोदी और भाजपा को वो जिम्मेदार मानते हैं।
Updated on:
01 Mar 2026 05:00 pm
Published on:
01 Mar 2026 04:46 pm
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