
मुंबई में डेढ़ साल की बच्ची से हैवानियत (Photo: IANS/File)
मुंबई के बोरीवली में एमएचबी कॉलोनी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत एक झुग्गी बस्ती में रूह कंपा देने वाली वारदात हुई है। 9 और 10 फरवरी की दरमियानी रात डेढ़ साल की मासूम बच्ची अपने माता-पिता के साथ सो रही थी, तभी अचानक वह गायब हो गई। सुबह जब परिजनों की नींद खुली और बच्ची बिस्तर पर नहीं मिली, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बदहवास माता-पिता ने तुरंत पुलिस से गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल अपहरण का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की।
पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध युवक बच्ची को ले जाता हुआ दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 वर्षीय आरोपी को उसी दिन धर दबोचा। आरोपी की पहचान पीड़ित बच्ची के पिता के दूर के रिश्तेदार के रूप में हुई है, जो पेशे से मजदूर है और पड़ोस में ही रहता था।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मासूम को एक सुनसान नाले के पास से रेस्क्यू किया। बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे।
रेस्क्यू के बाद बच्ची को पहले स्थानीय बीएमसी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर आंतरिक चोटों के कारण उसे मुंबई के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों की एक टीम ने मासूम की इमरजेंसी सर्जरी की। फिलहाल बच्ची डॉक्टरों की निगरानी में है और उसकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
पीड़ित बच्ची के पिता ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा, "पुलिस ने हमें कैमरे पर दिखाया कि मेरी बेटी को कौन ले गया, वह हमारा परिचित ही था। हमें सिर्फ और सिर्फ न्याय चाहिए, इसके अलावा कुछ नहीं चाहिए।" उन्होंने रोते हुए दोषी के लिए फांसी की मांग भी की।
इस भयावह घटना की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तुरंत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्ची को देश का सर्वश्रेष्ठ इलाज दिया जाए।
शिंदे ने कहा, "यह कृत्य मानवता पर एक कलंक है। पुलिस को इस मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया है ताकि फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।"
एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घिनौनी वारदात में कोई और भी शामिल था। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और पुलिस सबूत जुटाने में लगी है।
Updated on:
16 Feb 2026 04:17 pm
Published on:
16 Feb 2026 04:11 pm
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