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मुंबई, Jun 05, 2026

तरबूज में कैसे पहुंचा चूहे मारने का जहर? दूसरी फॉरेंसिक रिपोर्ट से उलझी गुत्थी, जांच में नया मोड़

Mumbai Watermelon Death Mystery: डोकाडिया परिवार के चार सदस्यों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में सबसे बड़ा रहस्य यही है कि जब रसोई के सामान, भोजन और चूहे मारने वाले स्प्रे में जहर नहीं मिला, तो फिर जिंक फॉस्फाइड तरबूज तक कैसे पहुंचा। इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ लगातार जांच में जुटे हुए हैं।

Mumbai Family Watermelon Death Mystery

चूहे मारने की दवा से हुई डोकाडिया परिवार की मौत (Photo: X/IANS)

दक्षिण मुंबई के पायधुनी इलाके में डोकाडिया परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमय मौत का मामला और अधिक उलझता जा रहा है। ताजा फोरेंसिक रिपोर्ट ने जांच एजेंसियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पुलिस को उम्मीद थी कि दूसरी फोरेंसिक जांच से मौत की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और चाकू, प्लेटों, चिकन पुलाव, चावल और घर से बरामद चूहे मारने वाली हर्बल स्प्रे में जिंक फॉस्फाइड का अंश नहीं मिला है। इस खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह बन गया है कि आखिर जहर तरबूज तक पहुंचा कैसे और परिवार के चार सदस्यों की मौत किस परिस्थिति में हुई।

पहली रिपोर्ट में तरबूज और विसरा में मिला था जहर

इस मामले की शुरुआती फोरेंसिक रिपोर्ट में तरबूज और मृतकों के विसरा नमूनों में जिंक फॉस्फाइड की पुष्टि हुई थी। जिंक फॉस्फाइड एक अत्यंत जहरीला रसायन है, जिसका उपयोग आमतौर पर चूहों को मारने के लिए किया जाता है।

पहली रिपोर्ट के आधार पर माना गया था कि परिवार की मौत जहर खाने से हुई है। हालांकि अब दूसरी रिपोर्ट ने जांच की दिशा को और जटिल बना दिया है।

26 अप्रैल को हुई थी चार लोगों की मौत

यह दर्दनाक घटना 26 अप्रैल की सुबह सामने आई थी। परिवार के मुखिया अब्दुल्ला डोकाडिया (40), उनकी पत्नी नसरीन (35), बेटियां आयशा (16) और जैनब (13) की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

जानकारी के अनुसार, घटना से पहले परिवार ने पांच अन्य रिश्तेदारों के साथ रात के खाने में चिकन पुलाव खाया था। इसके बाद आधी रात के बाद तरबूज खाया था। कुछ ही घंटे बाद चारों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें जेजे अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान एक-एक कर चारों ने दम तोड़ दिया।

कई एंगल से पुलिस कर रही जांच, अभी रिपोर्टों का इंतजार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच के लिए डोकाडिया के उस घर से कई वस्तुएं जब्त कर फोरेंसिक लैब भेजी गई थीं। इनमें रसोई में इस्तेमाल होने वाला चाकू, तीन बड़े चम्मच, चार प्लेटें, कच्चे चावल, चिकन पुलाव और रैट रिपेलेंट स्प्रे की बोतल शामिल थी। लेकिन इसी हफ्ते पुलिस को जो रिपोर्ट मिली, वो निगेटिव है। यानी इन सभी नमूनों में जिंक फॉस्फाइड की मौजूदगी से इनकार किया गया है।

दूसरी फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच एक बार फिर सभी संभावित पहलुओं से शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां हत्या, हत्या के बाद आत्महत्या, सामूहिक आत्महत्या और दुर्घटनावश मौत, इन चारों एंगल पर छानबीन कर रही हैं। इसके अलावा आर्थिक लेन-देन और अन्य संभावित पहलुओं की भी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं परिवार किसी आर्थिक संकट, कर्ज या किसी व्यक्ति के दबाव में तो नहीं था।

जांच अधिकारियों के अनुसार, मामले में अभी जैनब की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन की साइबर फॉरेंसिक जांच भी जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से मौतों के पीछे छिपे कारणों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

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