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महाराष्ट्र निकाय चुनाव: 67% मतदान, सोलापुर में 14 साल के बच्चे ने डाला वोट, वीडियो वायरल

महाराष्ट्र के सोलापुर जिला में शनिवार को हुए जिला परिषद चुनाव के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 08, 2026

Maharashtra vote Sunetra Pawar

सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में किया मतदान (Photo: IANS)

महाराष्ट्र में शनिवार को हुए 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावों में लगभग 67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) नेता जयंत पाटिल और रोहित पवार सुबह-सुबह मतदान केंद्र पहुंचे व अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, सोलापुर जिले में एक नाबालिग लड़ने ने अपने उम्मीदवार पिता के साथ मतदान किया।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, कुल 25,471 मतदान केंद्रों पर शाम साढ़े पांच बजे तक 67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पुणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर जिलों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 731 जिला परिषद सीट के लिए कुल 2624 उम्मीदवार मैदान में हैं।

प्रत्याशी के साथ 14 साल के बेटे ने डाला वोट

सोलापुर जिले के अकलुज में यशवंत नगर मतदान केंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़का अपने पिता के साथ मतदान कक्ष के अंदर नजर आ रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि जिला परिषद उम्मीदवार अर्जुन मोहिते पाटिल के बेटे को उनके साथ मतदान कक्ष में ले जाया गया और उसने ईवीएम मशीन का बटन भी दबाया। यह घटना मतदान प्रक्रिया की गोपनीयता और चुनाव नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

इस मामले पर पाटिल ने सफाई देते हुए कहा कि उनका बेटा केवल यह देखना चाहता था कि वोट कैसे डाला जाता है। उन्होंने बताया कि जब वे मतदान करने पहुंचे तो बेटे ने जिज्ञासा जताई, जिसके बाद वे उसे अपने साथ अंदर ले गए।

मोहिते पाटिल के अनुसार, मतदान अधिकारियों ने इस पर आपत्ति भी जताई थी, लेकिन उन्होंने अनुरोध किया कि बेटे को सिर्फ पास खड़े रहने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगता।

हालांकि, चुनावी नियमों के अनुसार मतदान कक्ष में केवल मतदाता को ही प्रवेश की अनुमति होती है और किसी भी तरह से नाबालिग या अन्य व्यक्ति की मौजूदगी नियमों का उल्लंघन है।

अजित पवार के निधन के बाद पहला चुनाव

बता दें कि यह चुनाव पहले 5 फरवरी को होना था, लेकिन 28 जनवरी को पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत और इसके बाद तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब मतगणना 9 फरवरी को होगी।

सुनेत्रा पवार ने अपने बड़े बेटे पार्थ पवार के साथ बारामती के काटेवाड़ी गांव के प्राथमिक विद्यालय में वोट डाला। उन्होंने नागरिकों से उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की।

अजित पवार के निधन व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों धड़ों के संभावित एकीकरण की अटकलों के बीच इन स्थानीय चुनावों के नतीजों पर नजरें टिकी हुई हैं। इससे पहले दोनों गुट पिछले दो साल की प्रतिद्वंद्विता को किनारे रखकर पुणे, सातारा, सोलापुर और सांगली में स्थानीय निकाय चुनाव एक अनौपचारिक गठबंधन के तहत लड़ा। इन क्षेत्रों में दोनों पक्षों के उम्मीदवार ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरे।

7 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में

कुल 2,624 उम्मीदवार 731 जिला परिषद सीट के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें 369 सीट महिलाओं के लिए, 83 अनुसूचित जाति, 25 अनुसूचित जनजाति और 191 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित हैं। वहीं, 4,814 उम्मीदवार 1,462 पंचायत समिति सीट के लिए मैदान में हैं। इनमें 731 सीट महिलाओं के लिए, 166 अनुसूचित जाति, 38 अनुसूचित जनजाति और 342 ओबीसी के लिए आरक्षित हैं।