21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुंबई का नया ‘गेम चेंजर’ रोड… 75 मिनट का सफर 25 मिनट में पूरा, GMLR को लेकर क्या है अपडेट

Goregaon-Mulund Link Road Update: मुंबई की यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत देने वाला गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है। 12.2 किमी लंबा जीएमएलआर गोरेगांव के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को मुलुंड के ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे से जोड़ेगा। इससे गोरेगांव से मुलुंड का सफर लगभग 25 मिनट में पूरा हो सकेगा।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Jan 21, 2026

Mumbai Goregaon-Mulund Link Road Update

गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड अपडेट (Photo: IANS/File)

मुंबई के ट्रैफिक से जूझ रहे लाखों यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। मुंबई महानगरपालिका (BMC) की महत्वाकांक्षी गोरेगाव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) परियोजना के चौथे और अंतिम चरण का काम शुरू हो चुका है। बीएमसी ने नाहूर से ऐरोली तक बनने वाले फ्लाईओवर के लिए 1293 करोड़ रुपये की निविदा जारी की है। GMLR परियोजना के तहत लगभग 12.20 किलोमीटर का मार्ग बनाया जा रहा है, जिसमें 4.70 किमी की दो भूमिगत सुरंगें भी शामिल हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, बीएमसी ने इस प्रोजेक्ट के चौथे चरण के तहत नाहूर से ऐरोली के बीच 1.33 किमी लंबे फ्लाईओवर के लिए 1,293 करोड़ रुपये की निविदा (टेंडर) जारी कर दी है। जीएमएलआर के तैयार होने के बाद गोरेगांव से मुलुंड का सफर मात्र 25 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

प्रोजेक्ट की अहम बातें-

केबल-स्टेड ब्रिज: ऐरोली के वर्तमान फ्लाईओवर के ठीक ऊपर एक आधुनिक केबल-स्टेड ब्रिज बनाया जाएगा। यह एक दो-मंजिला अरेंजमेंट होगा।

4 बड़े इंटरचेंज: इसमें ठाणे, नाहूर और ऐरोली को जोड़ने वाले 4 अहम इंटरचेंज होंगे, जिससे यात्रियों का सफर बिना किसी सिग्नल पर रुके पूरा होगा। ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (EEH) जंक्शन पर ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी और नाहूर, ऐरोली, ठाणे व दक्षिण मुंबई की दिशाओं में जाने वाले वाहन फर्राटा दौड़ सकेंगे।

75 मिनट का सफर अब सिर्फ 25 मिनट में-

वर्तमान में गोरेगाव से मुलुंड जाने के लिए यात्रियों को जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR) या घोडबंदर रोड का चक्कर लगाना पड़ता है, जिसमें लगभग 75 से 90 मिनट लगते हैं। लेकिन निर्माणाधीन 12.2 किमी लंबा गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (गोरेगांव) को सीधे ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (मुलुंड) से जोड़ेगा। इससे न केवल लगभग 50 मिनट का समय बचेगा, बल्कि इंधन की खपत और प्रदूषण में भी सुधार होगा।

चार चरणों में हो रहा 14000 करोड़ का काम–

करीब 14,000 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट मुंबई को मजबूत पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी देगा। पहले चरण में दिंडोशी कोर्ट से संजय गांधी नेशनल पार्क तक 1.2 किमी फ्लाईओवर, दूसरे में गोरेगाव पूर्व और मुलुंड पश्चिम में सड़क चौड़ीकरण व नए इंटरचेंज, तीसरे में फिल्म सिटी क्षेत्र में 4.7 किमी लंबे दो समानांतर भूमिगत सुरंगें (ट्विन टनल) और चौथे चरण में मुलुंड के पास लूप व अंडरपास के साथ बड़ा इंटरचेंज बनाया जा रहा है।

'गेम चेंजर' क्यों है GMLR?

यह प्रोजेक्ट ठाणे, मुलुंड और भांडुप जैसे इलाकों के रियल एस्टेट और आर्थिक विकास को नई गति देगा। संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) के नीचे बनने वाली जुड़वां सुरंगों के साथ यह इंजीनियरिंग का एक चमत्कार साबित होगा। बीएमसी का लक्ष्य है कि मई 2026 तक शुरुआती फ्लाईओवर शुरू कर दिए जाएं और 2028 तक पूरा प्रोजेक्ट चालू हो जाए।