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UGC Rules: सवर्णों ने PM Modi को लेकर लगाए आपत्तिजनक नारे, कांग्रेस नेता ने खून से लिखा पत्र

UGC Rules: एमपी के मुरैना में सवर्ण एकता संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में UGC नियमों के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतरे, पुतला दहन, शव यात्रा, नारेबाजी और जाम ने प्रशासन को हिला दिया, चेतावनी दी।

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UGC Rules Upper Caste protest murdabad slogans against PM Modi morena mp news

Upper Caste protest against UGC Rules in morena (फोटो- Patika.com)

UGC Rules: केन्द्र सरकार द्वारा बनाए UGC नियमों के खिलाफ मुरैना में सवर्ण एकता संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में पुराने बस स्टैंड से पैदल मार्च निकाला गया। इसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। पहले पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Modi) का पुतला फूंका, उसके बाद पुरानी कलेक्ट्रेट के लिए कूच किया। कलेक्ट्रेट पर एक घंटे तक नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। भीड़ इतनी थी कि इस दौरान एम एस रोड एक घंटे तक पूरी तरह जाम रहा। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार की दोपहर 12 सवर्ण समाज के युवा व वरिष्ठ पुराना बस स्टैंड पर एकत्रित हुए। (mp news)

'पीएम मोदी मुर्दाबाद' के लगाए नारे

यहां हाथों में तख्तियां लेकर केन्द्र की भाजपा सरकार और पीएम मोदी मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़े। हर चौराहे पर धरना देकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। दोपहर साढ़े 12 बजे पुरानी कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। यहां एक बजे तक एम एस रोड पर प्रदर्शन व हंगामा हुआ। भीड़ इतनी थी कि कलेक्ट्रेट के सामने सडक़ पर लोगों के खड़े होने से दोनों तरफ का रास्ता पूरी तरह जाम हो गया। देश के राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार सीताराम वर्मा को कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन दिया गया। उसके बाद आंदोलनकारी अपने अपने घरों को वापस हो गए। पैदल मार्च के दौरान आंदोलनकारियों द्वारा पीएम मोदी की शव यात्रा भी निकाली गई।

क्षेत्रीय सांसद, विधायकों का करेंगे घेराव

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान सवर्ण एकता संघर्ष मोर्चा के दिनेश डंडोतिया ने कहा कि सरकार को काला कानून वापस लेना होगा। अगर वापस नहीं लिया तो आंदोलन और उग्र होगा, अगले चरण में क्षेत्रीय सांसद, विधायकों को घेराव करेंगे। फिर भी अगर सरकार नहीं जागी तो हम कानों में शंख फूंककर सरकार को जगाना भी जानते हैं।

सरकार की दोहरी नीति नहीं चलेगी

सवर्ण एकता संघर्ष मोर्चा के अशोक भदौरिया ने कहा कि UGC सामान्य वर्ग के लिए घातक है। मोदी दोहरी नीति चला रहे हैं, एक तरफ हिन्दू कार्ड और दूसरी तरफ सवर्णों पर UGC जैसा कानून थोपा जा रहा है। यह नहीं चलेगा, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

ये रखी तीन मांग

  1. सवर्ण अगर जातिगत भेदभाव करते हैं तो उन पर कार्रवाई हो मगर उन्हें आपसी रंजिश में झूंठा फसाया जाए तो फंसाने वाले पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। 2012 में बने नियम में था कि अगर आरोप गलत निकले या फसाने की मंशा निकली तो जुर्माना लगता था।
  2. अगर कोई ओबीसी का छात्र एसससी व एसटी वर्ग से भेदभाव करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान क्यों नहीं है भेदभाव के मामले तो यहां भी होते हैं।
  3. नए नियम में ओबीसी को भी पीड़ित पक्ष में रखा गया है, तो क्या सामान्य वर्ग को पहले से ही दोषी मान लिया गया है सामान्य वर्ग के साथ क्या भेदभाव नहीं होता। यह समानता के संवैधानिक सिद्धांत (अनुच्छेद 14) का खुला उल्लंघन है, जब तक सामान्य वर्ग के हितों की रक्षा हेतु आवश्यक सुधार नहीं किए जाते, इस रेगुलेशन के क्रियान्वयन को तुरंत रोका जाए।

युवक ने खून से लिखा राष्ट्रपति को पत्र

अंबाह क्षेत्र में युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष हिमांशु तोमर ने विवि अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के विरोध में बुधवार को अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने इन नियमों को काला कानून बताते हुए राष्ट्रपति के नाम खून से पत्र लिखकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान हिमांशु तोमर ने एक मेडिकल स्टोर से सिङ्क्षरज खरीदकर पहले अपना खून निकलवाया, फिर अपने ही खून से राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कहा कि यूजीसी का यह काला कानून लागू होने से समाज में आपसी भाईचारा कमजोर होगा और सामाजिक विभाजन की स्थिति पैदा होगी। (mp news)

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