
मुरैना. शासन व प्रशासन शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी पर जोर दे रहा है लेकिन पहाडगढ़़ विकासखंड के सरकारी स्कूलों की स्थिति चिंताजनक हैं। स्कूल में स्टाफ ेके नहीं पहुंचने पर शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शासकीय प्राथमिक विद्यालय पगारा में 26 जनवरी के बाद शिक्षक नहीं पहुंचे, स्कूल में ताला पड़ा है। इसी ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय मोठिया पुरा के प्रभारी लंबे समय से बीमार होकर चलने फिरने में असमर्थ हैं, उसके बाद भी अधिकारियों द्वारा इन स्कूलों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इन स्कूलों के स्टाफ की ऑनलाइन हाजिरी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शासकीय प्राथमिक विद्यालय पगारा में स्टाफ के न पहुंचने पर मध्यान्ह भोजन भी नहीं बन रहा है। इसी गांव में आंगनबाड़ी केन्द्र के भवन में भी ताला पड़ा है। एक कक्ष में भूसा भरा है, परिसर में गोवंश बंधा हुआ है। स्कूल और आंगनबाड़ी भवन पर पेजयल व्यवस्था सुदृढ़ करने बोर कराया गया और प्लास्टिक टंकी व नल फिटिंग की गई। इस व्यवस्था पर करीब ढाई लाख रुपए खर्च किया गया। लेकिन आज स्थिति यह है कि न तो स्कूल व आंगनबाड़ी केन्द्र भवन पर बोर कराए, उनमें पानी नहीं हैं और यहां न तो टंकी है और न नल हैं, मौके पर दोनों जगह सिर्फ प्लेटफार्म ही रह गए हैं। स्कूलों के निरीक्षण का जिम्मा जनशिक्षकों पर है, उनको रोजाना स्कूलों का भ्रमण करके वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट देनी होती है लेकिन इन स्कूलों की स्थिति देखकर जनशिक्षक की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शासकीय उमावि नायकपुरा संकुल केन्द्र के शासकीय स्कूल गोपिया पुरा के शिक्षक राजेन्द्र प्रसाद शर्मा को शासकीय कन्या महारानी उमावि क्रमांक एक मुरैना संकुल केन्द्र के पटेल पुरा मौजा करुआ में अटैच किया था। नियमानुसार एक संकुल से दूसरे संकुल में शिक्षक को अटैच नहीं किया जा सकता। पटेल पुरा में अनुदानित शाला थी, उसका शिक्षक सेवानिवृत्त होने पर शाला बंद हो गई इसलिए व्यवस्था के तौर पर उसी संस्था की बिल्डिंग में शिक्षक राजेन्द्र प्रसाद शर्मा को भेजा गया था लेकिन वह उस संस्था में भी नहीं पहुंच रहे। गोपिया पुरा स्कूल के संस्था प्रभारी लगातार जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिख रहे हैं कि शिक्षक राजेन्द्र प्रसाद शर्मा को मूल संस्था पर वापस किया जाए क्योंकि वहां तीन शिक्षक थे, उनमें से एक और अटैच होने पर मात्र दो शिक्षक रह गए हैं, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
पगारा स्कूल में 26 जनवरी को मास्टर आए थे, लड्डू बांटे, उसके बाद एक दिन भागवत के भंडारे में आए थे। आते तो हैं लेकिन कम आते हैं। बच्चे नहीं आते इसलिए भोजन नहीं बनता।
हमने तो पगारा स्कूल में मास्टर 26 जनवरी को देखा तो उसके बाद नहीं दिखे। शिक्षक यदा कदा ही आते हैं। गांव में कोई कार्यक्रम होता है तब जरूर आते हैं।
अधीनस्थों को भेजकर पहाडगढ़़ विकासखंड के पगारा व मोठिया पुरा स्कूलों की जांच करवाते हैं, अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पहाडगढ़़ विकासखंड और मुरैना के पटेल पुरा स्कूल का निरीक्षण करेंगे और स्कूल बंद मिलने पर संंंंबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
15 Feb 2026 12:05 pm
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