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धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का षड्यंत्र रचती रहीं बिधर्मी ताकतें

प्राचीन नागजी सरोवर में ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन, 7 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता, सामाजिक समरसता, पंच परिवर्तन और सांस्कृतिक चेतना का दिया गया संदेश

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मुरैना. पोरसा शहर के प्राचीन एवं पावन नागाजी सरोवर परिसर में रविवार को भव्य और ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस सम्मेलन में समाज के सभी वर्गों, जातियों और आयु समूहों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अनुमानत: 7 हजार से अधिक नागरिकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।


सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंच पर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध संत-महात्मा रामदास महाराज (दंदरौआ सरकार), ऋषि महाराज, महामंडलेश्वर रामलखन दास (नागाजी धाम), राष्ट्रीय कथावाचक सुरेश शास्त्री, ब्रह्माकुमारी आश्रम की बीके रेखा बहन, रचना चौहान सहित अनेक गणमान्य संत, धर्माचार्य और समाजसेवी मौजूद रहे। सभा को संबोधित करते हुए अरुण जैन ने कहा कि लंबे समय से हिंदू समाज को जातियों में बांटने का षड्यंत्र रचा गया और हमारे धार्मिक स्थलों को सुनियोजित तरीके से टारगेट बनाया गया। उन्होंने कहा कि ऐसी बिधर्मी ताकतों का उद्देश्य समाज की एकता को कमजोर करना है, लेकिन संघ और संत समाज के प्रयासों से आज हिंदू समाज पुन: संगठित हो रहा है।

कलश यात्रा और पूजन से हुआ शुभारंभ

सम्मेलन की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ से हुई। इसके बाद कलश यात्रा, भारत माता, गौ माता एवं तुलसी पूजन कर विधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आध्यात्मिक वातावरण में हजारों श्रद्धालुओं ने राष्ट्र, धर्म और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का संकल्प लिया। पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा।

‘पंच परिवर्तन’ पर दिया गया विशेष संदेश

अरुण जैन सहित अन्य वक्ताओं ने संघ द्वारा प्रस्तावित ‘पंच परिवर्तन’ की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए इन पांच बिंदुओं को अपनाना आवश्यक है जिनमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन (परिवार चेतना), नागरिक कर्तव्य एवं शिष्टाचार, पर्यावरण संरक्षण व जागरूकता, स्व का बोध एवं आत्मनिर्भर भारत शामिल हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से हिंदू-सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराएं और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रदर्शन किया गया। दर्शकों ने तालियों की गडगड़़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

कसमडा में हुआ हिन्दू सम्मेलन

अंबाह के कसमडा मंडल क्षेत्र के राम जानकी मंदिर की जग्गा पर आयोजित हिन्दू सम्मेलन श्रद्धा, उत्साह और राष्ट्रभाव के वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। सम्मेलन के समापन अवसर पर उपस्थित ग्रामीण जनसमुदाय द्वारा भारत माता की आरती की गई, जिसके साथ ही कार्यक्रम ने एक भावनात्मक और प्रेरक रूप लिया। इस आयोजन में क्षेत्र के सनातन धर्मावलंबी एकत्रित हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक चेतना, धर्म के प्रति जागरूकता तथा राष्ट्रहित के भाव को मजबूत करना रहा।

निटहरा व मैंनाबसई गांव में हुआ हिन्दू सम्मेलन

सुमावली क्षेत्र में मंडल निटहरा और रुअर मैंनाबसई में हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में महिला पुरूषों ने भाग लिया। रुअर मंडल का हिंदू सम्मेलन बगिया बाले हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित सम्मेलन में बोधिक धर्म जागरण प्रमुख मुख्य वक्ता सुनील शर्मा ने स्वयं सेवक संघ के सौ साल पूर्ण यात्रा होने पर होने पर विस्तृत जानकारी दी और कहा देश भर में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है ताकि हिन्दू एक जुट होकर समाज में समरसता बनी रहे। इस अवसर पर अभिषेक कांकड़, बिस्तारक सुन्दर सिंह कुशवाहा, मंडल कार्यवाह शौरव दुबे, पालक हरिओम शर्मा मंडल पालक निटहरा मंडल में हिन्दू सम्मेलन की अध्यक्षता लक्ष्मण दास महंत ने की।