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मुरादाबाद में कुमार विश्वास का बयान: शंकराचार्य विवाद पर बोले- मर्यादा और संवेदनशीलता सबसे बड़ी जिम्मेदारी

Moradabad News: यूपी के मुरादाबाद में कवि कुमार विश्वास ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के विवाद पर टिप्पणी से इनकार करते हुए प्रशासन से मर्यादा और संवेदनशीलता बरतने की अपील की।

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मुरादाबाद में कुमार विश्वास का बयान | Image - X/@ANI

Kumar Vishwas in Moradabad: मुरादाबाद पहुंचे प्रसिद्ध कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच चल रहे विवाद पर टिप्पणी करने से स्पष्ट रूप से इनकार किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके भीतर इतनी सामर्थ्य नहीं है कि वे पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज जैसे संत पर कोई टिप्पणी करें। उनका यह बयान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया, जहां उन्होंने शब्दों की मर्यादा और विचारों की गरिमा को सर्वोपरि बताया।

प्रशासन से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की अपील

कुमार विश्वास ने आगे कहा कि इस पूरे प्रकरण में दो पक्ष हैं और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं को समझना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि जब किसी संत, साधु या धर्म के लिए स्वयं को समर्पित व्यक्ति से संवाद किया जाए, तो उसमें संवेदनशीलता, मर्यादा और जिम्मेदारी का भाव झलकना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवा धारण करने वाला व्यक्ति केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक होता है, इसलिए संवाद में संतुलन और सम्मान आवश्यक है।

शंकराचार्य से भी संयम की प्रार्थना

अपने बयान में कुमार विश्वास ने संतों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए शंकराचार्य से भी आग्रह किया कि वे अपने सात्विक क्रोध को त्यागकर सभी पर कृपा बरसाएं। उन्होंने कहा कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए संवाद और संयम दोनों जरूरी हैं। उनके इस कथन को उपस्थित श्रोताओं ने संतुलन और समझदारी का संदेश बताया।

शोक-संतप्त परिवार से मुलाकात

उदीषा कार्यक्रम में शामिल होने से पहले कुमार विश्वास शहर के वरिष्ठ शायर मंसूर उस्मानी के आवास पहुंचे। उन्होंने मंसूर उस्मानी और उनके परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की, क्योंकि हाल ही में एक हादसे में उनकी बेटी का निधन हो गया था। इस दौरान कुमार विश्वास ने परिवार को ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने की बात कही।

मुरादाबाद के साहित्यिक योगदान की सराहना

उदीषा समारोह में अपने संबोधन के दौरान कुमार विश्वास ने मुरादाबाद की साहित्यिक परंपरा को याद करते हुए कहा कि इस शहर ने जिगर मुरादाबादी, माहेश्वर तिवारी, हुल्लड़ मुरादाबादी और मंसूर उस्मानी जैसे महान शायर और गीतकार देश को दिए हैं। उन्होंने साहित्य के पुनर्जागरण को एक सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों को भाषा, संस्कृति और रचनात्मकता से जोड़ने का कार्य करते हैं।