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आजम का साम्राज्य हिलाने वाले IAS का बड़ा खुलासा: 5 साल बाद बोले- धमकियां मिलीं, मगर ड्यूटी से पीछे नहीं हटे

IAS Anjaneya Singh: मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर IAS आन्जनेय कुमार सिंह ने अपने 5 साल के कार्यकाल पर खुलकर बात की।

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आजम का साम्राज्य हिलाने वाले IAS का बड़ा खुलासा..

Azam Khan Rampur Action: रामपुर की सियासत में एक समय ऐसा भी आया था, जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने मंच से तत्कालीन जिलाधिकारी को लेकर बेहद तीखी और विवादित टिप्पणी की थी। 15 अप्रैल 2019 को दिए गए इस बयान में उन्होंने कहा था कि “कलक्टर-फलक्टर से मत डरियो… चुनाव हो जाने दो, अल्लाह ने चाहा तो इसी से जूते साफ कराऊंगा।”

उस समय रामपुर के जिलाधिकारी रहे IAS आन्जनेय कुमार सिंह के खिलाफ यह बयान काफी सुर्खियों में रहा था। लेकिन शायद उस समय किसी ने नहीं सोचा था कि आने वाले वर्षों में वही अधिकारी रामपुर में प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए आजम खान की राजनीतिक और आर्थिक पकड़ को कमजोर करने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हो जाएंगे।

मुरादाबाद कमिश्नर के रूप में 5 साल का कार्यकाल

6 मार्च 2021 को उत्तर प्रदेश सरकार ने आन्जनेय कुमार सिंह को मुरादाबाद मंडल का कमिश्नर नियुक्त किया था। अब इस पद पर उन्हें पूरे पांच साल हो चुके हैं, जो प्रशासनिक सेवा में एक लंबी और उल्लेखनीय तैनाती मानी जाती है। इस मौके पर उन्होंने एक विशेष बातचीत में कहा कि किसी भी अधिकारी की पोस्टिंग और अवधि उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जहां भी तैनात करती है, वहां पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियों को निभाना ही उनका लक्ष्य रहता है।

आजम खान पर कार्रवाई को बताया ड्यूटी का हिस्सा

रामपुर में आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर आन्जनेय कुमार सिंह ने साफ कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास जो शिकायतें आईं और जिनकी जांच में तथ्य सामने आए, उन पर कार्रवाई करना उनकी जिम्मेदारी थी। उनके अनुसार, यह उसी तरह की कार्रवाई थी जैसे किसी भी अवैध अतिक्रमण को हटाना।

व्यक्तिगत टिप्पणियों को नहीं देते महत्व

जब उनसे पूछा गया कि आजम खान ने उनके परिवार, खासकर उनकी मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, तो उन्होंने बेहद संयमित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में इस तरह की बातें अक्सर देखने को मिलती हैं और वह उन्हें अपने दिमाग में जगह नहीं देते। उनके मुताबिक, कोई भी अधिकारी बिना अपनी ड्यूटी निभाए व्यक्तिगत एजेंडे के तहत कार्रवाई करेगा तो उसे उसके परिणाम भी भुगतने होंगे।

धमकियों के बावजूद काम जारी रखने की बात

आन्जनेय कुमार सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें कई बार सीधी और परोक्ष धमकियां मिलीं। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर कोई अधिकारी पूरी ईमानदारी और स्पष्टता के साथ काम करता है, तो ऐसी प्रतिक्रियाएं सामने आना स्वाभाविक है। उनके अनुसार, इन चुनौतियों को व्यक्तिगत तौर पर लेने के बजाय उन्हें अपने कर्तव्य का हिस्सा समझना चाहिए।

बदलती सरकारों के बीच अधिकारी की भूमिका

सत्ता परिवर्तन के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी का काम सरकारों के साथ बदलता नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अलग-अलग सरकारों में काम कर चुके हैं और उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण कानून और नियम हैं। उनके अनुसार, सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन कानून वही रहता है और एक अधिकारी उसी के आधार पर काम करता है।

ब्यूरोक्रेसी में लॉबिंग पर दिया संतुलित जवाब

ब्यूरोक्रेसी में पैरवी और लॉबिंग के सवाल पर आन्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें अपने वरिष्ठ अधिकारियों से हमेशा सहयोग और स्नेह मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सरकार ही तय करती है कि किस अधिकारी को किस भूमिका में काम करना है। यदि किसी अधिकारी का प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं होता, तो उसे दूसरे पद पर भेज दिया जाता है।

पावर के दुरुपयोग के आरोपों पर सफाई

अपने ऊपर लगे पावर के दुरुपयोग के आरोपों पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी अधिकारी के पास अपनी व्यक्तिगत शक्ति नहीं होती। उनके अनुसार, सारी ताकत सरकार और उस पद की होती है जिस पर वह बैठे हैं। उन्होंने बताया कि कमिश्नर के रूप में उनके अधीन पांच जिले और कई तहसीलें आती हैं और उनकी मुख्य जिम्मेदारी मॉनीटरिंग की होती है। यदि कहीं कोई गड़बड़ी दिखाई देती है तो वह संबंधित डीएम या एसपी को सूचित करते हैं।

मातहत अधिकारियों के साथ समन्वय पर जोर

उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश रहती है कि पूरी प्रशासनिक टीम के साथ समन्वय और संवाद बना रहे। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाता है और उसी के आधार पर काम को बेहतर बनाने की कोशिश होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यही है कि जनता की समस्याओं का समाधान समय पर किया जाए और सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाए।

राजनीति में आने की अटकलों पर दिया जवाब

भविष्य में नौकरी छोड़कर चुनाव लड़ने की अटकलों को उन्होंने पूरी तरह खारिज कर दिया। आन्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें अपना काम बेहद पसंद है और वह मानते हैं कि शायद इसी काम के लिए बने हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में रहकर अपने प्रदेश और देश की सेवा करना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। फिलहाल उनका पूरा ध्यान अपने वर्तमान दायित्वों को बेहतर तरीके से निभाने पर ही है।

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