30 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मथुरा, May 18, 2026

प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ी; पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए बंद, नहीं होंगे एकांतिक दर्शन

Premanand Maharaj Health Update: प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ गई है। इस वजह से पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है।

premanand maharaj health deteriorates night walk postponed indefinitely mathura news

संत मानंद महाराज की तबीयत बिगड़ी। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Premanand Maharaj Health Update: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ गई है। फिलहाल, उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रेमानंद महाराज की तबीयत खराब होने के कारण उनकी रात्रि पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। साथ ही उनके एकांतिक दर्शन भी फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। आश्रम प्रशासन की ओर से यह जानकारी मिलने के बाद भक्तों में मायूसी छा गई।

दर्शन के लिए पहुंचे हजारों भक्त लौटे निराश

रविवार रात बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाराज जी के दर्शन के लिए पहुंचे थे। हर दिन की तरह भक्तों को उम्मीद थी कि प्रेमानंद महाराज रात करीब 3 बजे पदयात्रा के लिए निकलेंगे, लेकिन इस बार उनकी जगह आश्रम के शिष्य पहुंचे।

शिष्यों ने लाउडस्पीकर से दी जानकारी

आश्रम के शिष्यों ने लाउडस्पीकर के जरिए भक्तों को जानकारी दी कि महाराजजी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए आज की पदयात्रा रद्द की जा रही है। भक्तों से सड़क किनारे भीड़ न लगाने की अपील भी की गई। घोषणा के बाद हजारों श्रद्धालुओं को बिना दर्शन किए वापस लौटना पड़ा।

21 साल से किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं महाराज

केली कुंज आश्रम की ओर से बताया गया कि संत प्रेमानंद महाराज पिछले 21 सालों से किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य खराब होने की वजह से डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है।

भक्तों ने की जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना

बाराबंकी से आए श्रद्धालु राजू गुप्ता ने कहा कि उन्हें बताया गया कि स्वास्थ्य कारणों से महाराजजी दर्शन नहीं देंगे। उन्होंने राधा रानी से महाराजजी के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। वहीं एक अन्य श्रद्धालु पुष्पा गुप्ता के मुताबिक, वह परिवार के साथ दर्शन के लिए आई थीं, लेकिन दर्शन नहीं हो सके। उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि अब अगली बार दर्शन कब होंगे।

रोज डेढ़ किलोमीटर पैदल चलते हैं प्रेमानंद महाराज

बता दें कि संत प्रेमानंद महाराज इन दिनों रोज रात 3 बजे केली कुंज आश्रम से सौभरी वन तक पदयात्रा करते थे। वह करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलते थे। उनकी पदयात्रा और दर्शन के लिए हर रात हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में करीब 20 हजार भक्त दर्शन के लिए आते हैं, जबकि वीकेंड और विशेष पर्वों पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है।

13 साल की उम्र में छोड़ दिया था घर

संत प्रेमानंद महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की नरवल तहसील के अखरी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम शंभू नारायण पांडे और माता का नाम रामा देवी है। तीन भाइयों में वह मंझले हैं। बचपन में उनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। बचपन से ही उनका झुकाव अध्यात्म की ओर था। उन्होंने कक्षा 8 तक पढ़ाई की। बचपन में उन्होंने अपने दोस्तों के साथ शिव मंदिर के लिए चबूतरा बनाने की कोशिश की, लेकिन विरोध होने पर उनका मन टूट गया और उन्होंने घर छोड़ने का फैसला कर लिया।

कैसे बने राधावल्लभी संत?

वृंदावन आने के बाद प्रेमानंद महाराज रोज बांके बिहारी जी के दर्शन करने लगे। धीरे-धीरे उनका मन राधावल्लभ संप्रदाय की भक्ति में रम गया। एक दिन उन्होंने एक संत को श्री राधारससुधानिधि का श्लोक पढ़ते सुना, लेकिन उसका अर्थ समझ नहीं पाए। बाद में वृंदावन परिक्रमा के दौरान एक सखी को वही श्लोक गाते सुना। श्लोक से प्रभावित होकर उन्होंने उसका अर्थ पूछा। सखी ने कहा कि इस श्लोक को समझने के लिए राधावल्लभी होना जरूरी है। इसी घटना के बाद प्रेमानंद महाराज ने राधावल्लभ संप्रदाय को अपनाया और राधावल्लभी संत बन गए।

कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें