
फोटो सोर्स- पत्रिका
26 January: देश 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, लेकिन सोचिए क्या किसी शख्स का नाम 26 जनवरी हो सकता है ? लेकिन ऐसा ही कुछ है। मध्यप्रदेश के मंदसौर के एक ऐसे सरकारी कर्मचारी हैं। जिनका नाम ही 26 जनवरी टेलर है। उनका नाम सुनते ही लोग हैरत में पड़ जाते हैं। तो आइए आपको भी बताते नाम के पीछे की पूरी कहानी।
जब देश आजाद हुआ तो उसके बाद समय आया 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस का। इसी दिन उनके पिता सत्यनारायण टेलर स्कूल में बच्चों को संबोधित कर रहे थे। देशभक्ति गीतों की धुन के बीच घर से जानकारी आई कि आपके घर बेटे ने जन्म लिया है। इसकी सूचना मिलते ही सत्यनारायण टेलर भावुक हो गए और फिर बेटे का नाम 26 जनवरी रख दिया।
छब्बीस जनवरी वर्तमान में मंदसौर डाइट में कार्यरत हैं। इस अनोखे नाम के कारण उन्हें काफी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने पिता की भावनाओं का सम्मान करते हुए नाम नहीं बदला। साल 1994-95 में कलेक्टर ने नाम के चलते सैलरी रोक दी थी। वेतन नहीं मिलने पर इन्हें काफी परेशानी हुई। जिसके बाद डाइट प्राचार्य को कलेक्टर के सामने नाम का प्रमाणीकरण करना पड़ा था। तब जाकर उन्हें सैलरी मिली थी।
patrika.com से बातचीत में 26 जनवरी टेलर ने बताया कि पहले लगता था पिता ने कैसा नाम रखा है, लेकिन जब बड़े हुए तो अपने की असली अहमियत मालूम पड़ी। नाम के कारण हर जगह मान-सम्मान मिलता है।
26 जनवरी टेलर के लिए आसान कुछ भी नहीं रहा। बैंक में अकाउंट खुलवाने से लेकर शादी तक मुश्किलों का सामना ही करना पड़ा। जब वह बैंक में अकाउंट खुलवाने के लिए गए तो उन्हें शपथ पत्र लगाना पड़ा। ऐसे ही जब शादी हुई तो उसमें भी शपथ पत्र लगाना पड़ा। नाम के कारण कई मुश्किलें आईं मगर 26 जनवरी डटे रहे। वह अपने नाम के कारण हर 26 जनवरी को लोगों का ध्यान खींचते हैं।
Published on:
24 Jan 2026 08:47 pm
बड़ी खबरें
View Allमंदसौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
