
प्रतीकात्मक फोटो (AI)
महाराजगंज : महराजगंज जिले में युवक आदित्य के लापता होने का मामला अब गंभीर हत्या कांड में बदल गया है। शुरुआती दिनों में पुलिस की सुस्ती और औपचारिक जांच के बीच युवक की जान चली गई, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बैकुंठपुर निवासी आदित्य के अचानक गायब होने के बाद परिजनों ने पुलिस को अनहोनी की आशंका जताई थी। इसके बावजूद गुमशुदगी को सामान्य मामला मानते हुए पुलिस ने केवल खोजबीन तक खुद को सीमित रखा। इसी दौरान आरोपियों ने युवक की हत्या कर शव को गेहूं के खेत में फेंक दिया।
पुलिस ने मोबाइल ट्रैकिंग और पूछताछ की बात तो कही, लेकिन चार दिन तक कोई ठोस सुराग सामने नहीं आ सका। इसी बीच मृतक की प्रेमिका से जुड़े कुछ कथित ऑडियो सामने आए, हालांकि उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। बाद में सामने आए तथ्यों से यह साफ हुआ कि यदि शुरुआती स्तर पर सख्ती बरती जाती, तो वारदात रोकी जा सकती थी।
युवक का शव मिलने के बाद फॉरेंसिक टीम और एसएसबी डॉग स्क्वायड को बुलाया गया। मृतक के जैकेट और मोजे सूंघते ही खोजी कुत्ता लेजार महदेवा गांव की ओर बढ़ा और सीधे प्रेमिका के घर के पीछे पहुंच गया, जहां संघर्ष के निशान मिले। इसके बाद कुत्ता घर के अंदर तक गया, जिससे पुलिस को संदेह और गहरा गया। डॉग स्क्वायड की एक अन्य टीम प्रेमिका के रिश्तेदार तक भी पहुंची, जिससे हत्या में एक से अधिक लोगों की भूमिका की आशंका जताई जा रही है।
खेत में शव मिलने की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंची मां फूलमती और बहनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
पहले अपहरण के आरोप में दर्ज मुकदमे को अब हत्या में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस ने चार नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फरेंदा थानाध्यक्ष योगेंद्र राय के अनुसार पोस्टमार्टम और साक्ष्यों के आधार पर हत्या की पुष्टि हो चुकी है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
Published on:
07 Feb 2026 07:13 pm
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