
मेठी-रायबरेली में क्यों कहते हैं ‘भइया जी’? Source- Official X
Priyanka Gandhi: कांग्रेस महासचिव और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। अमेठी और रायबरेली के कांग्रेस कार्यकर्ता और आम लोग उन्हें आज भी प्यार से 'भइया जी' कहकर बुलाते हैं। यह सना का संबोधन गांधी परिवार के साथ लंबे और गहरे रिश्ते की निशानी है, जो सालों पुराना है।
प्रियंका गांधी जब छोटी थीं, तब उनके बाल छोटे रखे जाते थे। गांधी परिवार के साथ अमेठी और रायबरेली के दौरे पर गांव के लोग उन्हें राहुल गांधी की तरह 'भइया' कहने लगे थे। शुरुआत में यह 'भइया' था, जो धीरे-धीरे 'भइया जी' में बदल गया। यह नाम उनके शांत स्वभाव, सादगी और लोगों से सीधे जुड़ने की क्षमता से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, प्रियंका जब 10-12 साल की थीं, तब अमेठी में उन्होंने देखा था कि एक महिला उनके पिता राजीव गांधी को 'राजीव भैया' कहकर डांट रही थीं। गांधी परिवार के सदस्यों को यहां 'भैया' या 'भइया' कहना स्थानीय संस्कृति का हिस्सा बन गया। प्रियंका के छोटे बालों और लड़के जैसे लुक के कारण लोग उन्हें भी भाई जैसा मानने लगे। आज भी अमेठी-रायबरेली के कार्यकर्ता उन्हें इसी नाम से पुकारते हैं।
हाल ही में 2024 लोकसभा चुनाव में अमेठी से कांग्रेस प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा, जिन्हें प्रियंका 'किशोरी भैया' कहती हैं। उन्होंने जीत हासिल की। प्रियंका ने उन्हें 'किशोरी भैया' कहकर बधाई दी, जो इस संबोधन की गहराई दर्शाता है। किशोरी लाल शर्मा दशकों से गांधी परिवार के करीबी रहे हैं और अमेठी-रायबरेली में उनके प्रतिनिधि के रूप में काम किया है।
गांधी परिवार का लंबा नाता अमेठी और रायबरेली से गांधी परिवार का रिश्ता राजीव गांधी के समय से चला आ रहा है। राजीव गांधी यहां से सांसद चुने गए थे। बाद में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने इन सीटों का प्रतिनिधित्व किया। प्रियंका ने कभी चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन वे इन क्षेत्रों में नियमित रूप से आती रहीं। वे लोगों से चौपालों में मिलती हैं, उनकी समस्याएं सुनती हैं। तामझाम से दूर रहने वाली प्रियंका की सादगी और सौम्यता के कारण लोग उनमें कांग्रेस का भविष्य देखते हैं। अमेठी में एक लोकप्रिय नारा रहा है, "अमेठी का डंका, बिटिया प्रियंका"।
प्रियंका गांधी के जन्मदिन के मौके पर यूपी कांग्रेस ने पूरे राज्य में कार्यक्रम आयोजित किए हैं। सभी 18 मंडल मुख्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अगले 100 दिनों की कार्ययोजना का औपचारिक ऐलान किया जा रहा है। यह 'मिशन-100' या 100 दिवसीय प्लान 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है।
योजना में शामिल प्रमुख बिंदु:-
30 संविधान संवाद रैलियां (संविधान पर जनसंवाद)
मनरेगा और एसआईआर (विशेष गहन संशोधन) से जुड़े मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन
चौपाल, नुक्कड़ सभाएं और महापंचायतें
संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ता एकजुटता और जनसंपर्क बढ़ाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और प्रभारी अविनाश पांडेय ने निर्देश जारी किए हैं। प्रियंका इस समय विदेश यात्रा पर हैं, इसलिए वे मौजूद नहीं होंगी, लेकिन उनका नाम और छवि इस अभियान का केंद्र है। पार्टी इसे 'परिवर्तन प्रतिज्ञा' के रूप में भी देख रही है, खासकर महिलाओं और पिछड़े वर्गों को जोड़ने के लिए। जन्मदिन पर शुरू हुआ यह 100 दिन का प्लान यूपी में कांग्रेस की वापसी की नई उम्मीद जगा रहा है।
Updated on:
12 Jan 2026 02:40 pm
Published on:
12 Jan 2026 02:39 pm

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