
एसीएस संजय प्रसाद समेत कई अफसर केंद्र सरकार में सचिव स्तर पर एंपैनल (फोटो सोर्स : cm Whatsapp Group)
UP Top IAS Officers Transfer News: उत्तर प्रदेश की नौकरशाही के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश के कई वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों को भारत सरकार में सचिव एवं समकक्ष पदों के लिए एम्पैनल कर लिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय प्रसाद सहित छह वरिष्ठ अधिकारियों को शीर्ष प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए चुना गया है।
इस निर्णय को न केवल उत्तर प्रदेश प्रशासनिक तंत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, बल्कि इसे प्रदेश की प्रशासनिक क्षमता और अधिकारियों की कार्यकुशलता की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति भी माना जा रहा है।
केंद्र सरकार की ओर से जारी सूची में जिन अधिकारियों को सचिव या समकक्ष पदों के लिए एम्पैनल किया गया है, उनमें शामिल हैं-
ये सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यकाल में प्रशासनिक दक्षता, नीति निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जाने जाते रहे हैं।
भारत सरकार में सचिव स्तर का पद भारतीय प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च प्रशासनिक स्तर माना जाता है। किसी अधिकारी का इस स्तर पर एम्पैनल होना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार उसे राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण और मंत्रालय संचालन के लिए उपयुक्त मानती है।
एम्पैनलमेंट प्रक्रिया में अधिकारियों की सेवा अवधि, प्रशासनिक अनुभव, ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता और कार्य निष्पादन का व्यापक मूल्यांकन किया जाता है। चयन के बाद अधिकारी को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों या महत्वपूर्ण संस्थानों में सचिव अथवा समकक्ष पदों पर नियुक्त किया जा सकता है।
एम्पैनलमेंट सूची में सबसे चर्चित नाम अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद का है। वर्ष 1995 बैच के आईएएस अधिकारी संजय प्रसाद वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपर मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें मुख्यमंत्री के प्रमुख रणनीतिक सहयोगियों में गिना जाता है।प्रदेश की कई महत्वपूर्ण योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और शासन की प्राथमिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रशासनिक हलकों में उन्हें उत्तर प्रदेश के सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में शामिल माना जाता है। केंद्र सरकार द्वारा सचिव स्तर के लिए उनका चयन यह संकेत देता है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी मिल सकती है।
मृत्युंजय नारायण
वर्ष 1995 बैच के आईएएस अधिकारी मृत्युंजय नारायण वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। वित्तीय प्रशासन और नीति निर्माण के क्षेत्र में उनका अनुभव महत्वपूर्ण माना जाता है।
संतोष कुमार यादव
संतोष कुमार यादव भी केंद्रीय स्तर पर कार्यरत अधिकारियों में शामिल हैं। प्रशासनिक प्रबंधन और परियोजना क्रियान्वयन में उनकी मजबूत पकड़ रही है।
आलोक कुमार यादव
1993 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आलोक कुमार यादव को लंबे प्रशासनिक अनुभव और शासन संचालन की दक्षता के लिए जाना जाता है।
लीना जौहरी
1994 बैच की आईएएस अधिकारी लीना जौहरी विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियों में अपनी प्रभावी कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। महिला नेतृत्व के रूप में उनका एम्पैनलमेंट प्रशासनिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
भुवनेश कुमार
भुवनेश कुमार भी पहले से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं और उन्हें नीति क्रियान्वयन तथा प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में अनुभव प्राप्त है।
जानकारी के अनुसार सचिव स्तर के पदों के लिए केंद्र सरकार समय-समय पर पात्र अधिकारियों से आवेदन आमंत्रित करती है। इसके बाद कैबिनेट सचिवालय और संबंधित चयन समितियां अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, उपलब्धियों और नेतृत्व क्षमता का विस्तृत मूल्यांकन करती हैं। एम्पैनलमेंट के बाद नियुक्ति तुरंत नहीं होती। संबंधित राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त किया जाता है। इसके बाद अधिकारियों की तैनाती केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों या विभागों में की जाती है।
एम्पैनलमेंट के बाद अब अगला चरण राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त करने का होगा। यदि राज्य सरकार संबंधित अधिकारी को केंद्र भेजने की सहमति देती है, तो उन्हें प्रतिनियुक्ति पर केंद्र सरकार में सचिव या समकक्ष पद पर नियुक्त किया जाएगा। कुछ मामलों में राज्य सरकार महत्वपूर्ण प्रशासनिक आवश्यकताओं के कारण अधिकारियों को तत्काल केंद्र भेजने में विलंब भी कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का सचिव स्तर पर चयन उत्तर प्रदेश प्रशासनिक व्यवस्था की सुदृढ़ छवि को दर्शाता है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर आधारभूत ढांचा विकास, निवेश प्रोत्साहन, कानून व्यवस्था सुधार और डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा दिया गया है। इन उपलब्धियों में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
केंद्र सरकार में सचिव स्तर पर यूपी कैडर के अधिकारियों की संख्या बढ़ने से राष्ट्रीय नीति निर्माण में प्रदेश की प्रशासनिक भागीदारी मजबूत होगी। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे अधिकारी केंद्र और राज्य के बीच समन्वय स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आती है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा में सचिव स्तर का एम्पैनलमेंट किसी भी अधिकारी के करियर की बड़ी उपलब्धि माना जाता है। यह न केवल व्यक्तिगत सफलता होती है, बल्कि उस राज्य के प्रशासनिक ढांचे की गुणवत्ता को भी दर्शाता है जहां से अधिकारी आते हैं।
Published on:
01 Mar 2026 12:19 am
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