
ट्रैक्टर-ट्रॉली और पशु गाड़ियों पर भी प्रतिबंध,विधानसभा क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन पर रोक (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Section 163 Lucknow : राजधानी लखनऊ में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आगामी त्योहारों व महत्वपूर्ण आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (कानून व्यवस्था) बबलू कुमार ने पूरे लखनऊ कमिश्नरेट क्षेत्र में 21 मार्च तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत कई प्रकार की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, प्रदर्शन या सुरक्षा से जुड़ी चुनौती से निपटा जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जनवरी से मार्च के बीच कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, धार्मिक और सामाजिक आयोजन प्रस्तावित हैं। 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस, शब-ए-बारात, वेलेंटाइन डे, रमजान माह, होली और महाशिवरात्रि जैसे पर्व इस अवधि में पड़ रहे हैं। इन सभी अवसरों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है, ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए धारा 163 लागू की गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आदेश के अनुसार, अगले तीन महीनों तक लखनऊ में विधानसभा और उसके आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन का मानना है कि विधानसभा क्षेत्र संवेदनशील जोन में आता है और यहां प्रदर्शन या भीड़ जुटने से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका रहती है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी संगठन, राजनीतिक दल या समूह को प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जाएगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धारा 163 के तहत राजधानी में ट्रैक्टर-ट्रॉली, घोड़ा-गाड़ी और बैलगाड़ी के आवागमन पर भी रोक लगा दी गई है। पुलिस के अनुसार, इन वाहनों के जरिए अक्सर भीड़ जुटाने या सड़क जाम करने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इससे छूट दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
सुरक्षा कारणों से राजधानी के प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधान सभा, सचिवालय और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के आसपास ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा, शहर के अन्य हिस्सों में भी बिना प्रशासनिक अनुमति के ड्रोन उड़ाने पर रोक रहेगी। पुलिस का कहना है कि ड्रोन के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर ड्रोन जब्त करने के साथ-साथ संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धारा 163 लागू होने के बाद राजधानी के प्रमुख चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों में बैरियर लगाकर वाहनों की चेकिंग की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर सख्ती बरतना जरूरी है।
जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (कानून व्यवस्था) बबलू कुमार ने कहा कि धारा 163 का उद्देश्य किसी की स्वतंत्रता को बाधित करना नहीं, बल्कि शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि प्रशासन का सहयोग करें और नियमों का पालन करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाने वालों, नियमों का उल्लंघन करने वालों और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के कार्यक्रम, जुलूस या आयोजन से पहले संबंधित अनुमति अवश्य लें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। प्रशासन का मानना है कि जनता के सहयोग से ही राजधानी में शांति और सौहार्द का माहौल बनाए रखा जा सकता है।
कुल मिलाकर, 21 मार्च तक लागू की गई धारा 163 को लखनऊ में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आगामी त्योहारों और आयोजनों को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता। आमजन से अपेक्षा की जा रही है कि वे नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि राजधानी में सभी पर्व और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।
Published on:
25 Jan 2026 08:54 am
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