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SIR Update: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत बिना मैपिंग वाले 2.83 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी कर उनकी सुनवाई की जा रही है। इस प्रक्रिया के बीच आम जनता को बड़ी राहत दी गई है। अब सुनवाई के दौरान संबंधित मतदाता की जगह उनके द्वारा नामित परिवार का कोई भी सदस्य उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकता है।
यह व्यवस्था खासतौर पर बुजुर्ग, बीमार या ऐसे मतदाताओं के लिए उपयोगी साबित होगी, जो किसी कारणवश नोटिस का जवाब देने के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के सामने स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते। ऐसे मतदाता एक आशय पत्र लिखकर, उस पर हस्ताक्षर या अंगूठा निशान लगाकर किसी अन्य व्यक्ति को अपनी जगह ईआरओ के पास दस्तावेज जमा करने के लिए भेज सकेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने मतदाताओं की समस्या को समझते हुए यह राहत दी है। कई मतदाताओं ने बताया था कि वे निजी, ऑफिस या अन्य कारणों से नोटिस में तय तारीख पर उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में चुनाव आयोग ने ईआरओ व एईआरओ के समक्ष व्यक्तिगत उपस्थिति की अनिवार्यता से छूट दे दी है।
एसआइआर के तहत मतदाता सूची में 1.04 करोड़ ऐसे मतदाता चिह्नित किए गए हैं, जिनकी जानकारी वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाई थी। इन मतदाताओं को ही अब नोटिस जारी किए जा रहे हैं। सभी को पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षिक प्रमाण पत्र सहित 13 निर्धारित दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा। पहले चरण में नोटिस जारी होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने यह मांग की थी कि उनकी जगह परिवार का कोई अन्य सदस्य या मित्र दस्तावेज जमा कर सके। अब यह मांग स्वीकार कर ली गई है।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में 100 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग मतदाताओं को सम्मानित किया जाएगा, जबकि 10 नए युवा मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र दिए जाएंगे। इसके साथ ही बेहतर कार्य करने वाले बीएलओ, ईआरओ और डीएम को भी सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया की प्रगति दर्शाने वाली ‘निर्वाचन के बढ़ते कदम’ शीर्षक से डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की जाएगी।
Published on:
24 Jan 2026 09:38 am
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