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भारत, Apr 03, 2026

Fruit Stickers Health Risks: सावधान! कहीं आप भी तो नहीं खा रहे फलों के साथ जहर? स्टिकर वाले फल खाने से बिगड़ सकती है आपकी सेहत

Fruit Stickers Health Risks: फलों पर लगे चमकदार स्टिकर्स आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं। FSSAI ने चेतावनी दी है कि स्टिकर का गोंद शरीर में गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है। जानिए इससे बचने का सही तरीका।

food safety and standards authority of india

Digestive Issues (source: AI)

Fruit Stickers Health Risks: जब हम बाजार से सेब, आम या कोई विदेशी फल लाते हैं, तो उन पर लगे चमकदार स्टिकर्स को देखकर हमें लगता है कि फल बहुत प्रीमियम और अच्छी क्वालिटी वाला है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह छोटा सा स्टिकर आपकी और आपके बच्चों की सेहत के लिए कितना खतरनाक हो सकता है? हाल ही में देश की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा संस्था FSSAI (The Food Safety and Standards Authority of India) ने अलर्ट जारी किया है।

स्टिकर्स पर लगा गोंद (Adhesive) सीधे आपके पेट में जाकर जहर का काम कर सकता है। अगर आप भी अब तक इसे नजरअंदाज करते आए हैं, तो हो जाएं सावधान।

क्यों है स्टिकर खतरनाक?

ज्यादातर लोग फल खाते समय स्टिकर तो हटा देते हैं, लेकिन उसके नीचे रह जाने वाले चिपचिपे गोंद पर ध्यान नहीं देते। FSSAI के अनुसार, इन स्टिकर्स को चिपकाने के लिए जिस ग्लू या गोंद का इस्तेमाल होता है, वह खाने लायक नहीं होता।
जब हम बिना अच्छे से साफ किए फल खा लेते हैं, तो यह केमिकल हमारे शरीर के अंदर चला जाता है। यह सिर्फ एक स्टिकर की बात नहीं है, बल्कि लंबे समय तक ऐसी लापरवाही बरतने से शरीर में केमिकल जमा होने लगते हैं, जो खासकर बच्चों के पाचन तंत्र और इम्युनिटी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

स्टिकर से हो सकते हैं यह खतरे

  • स्टिकर चिपकाने वाले गोंद में ऐसे कंपाउंड होते हैं जो इंसानी शरीर के लिए नहीं बने हैं। ये धीरे-धीरे पेट में जाकर इंफेक्शन पैदा कर सकते हैं।
  • स्टिकर और फल की सतह के बीच जो जगह होती है, वहां धूल, मिट्टी और खतरनाक बैक्टीरिया लगे रहते हैं। पानी से धोने पर भी ये पूरी तरह साफ नहीं होते।
  • कई बार फल पर छिड़के गए पेस्टिसाइड स्टिकर के नीचे फंस जाते हैं। जब आप स्टिकर हटाते हैं, तो वह हिस्सा सबसे ज्यादा जहरीला हो सकता है।

क्या स्टिकर फल की क्वालिटी बताता है?

लोग समझते हैं कि स्टिकर लगा है तो फल एक्सपोर्ट क्वालिटी का होगा। लेकिन असल में यह स्टिकर्स का इस्तेमाल सिर्फ स्टोर में बिलिंग (PLU कोड) और फल की वैरायटी पहचानने के लिए होता है। कई बार स्थानीय व्यापारी भी ग्राहकों को लुभाने के लिए घटिया क्वालिटी के फलों पर नकली स्टिकर्स चिपका देते हैं।

बचाव के आसान तरीके

स्टिकर वाला हिस्सा काट दें: सिर्फ स्टिकर हटाना काफी नहीं है। कोशिश करें कि जिस जगह स्टिकर लगा था, उस हिस्से को चाकू से थोड़ा गहरा छीलकर निकाल दें।

  • बहते पानी में धोएं: फलों को केवल बाल्टी में डुबोकर न रखें। कम से कम 5 मिनट तक नल के बहते पानी के नीचे रगड़कर धोएं।
  • छिलका उतारना बेहतर: अगर संभव हो, तो स्टिकर वाले फलों (जैसे सेब, नाशपाती) का छिलका उतारकर ही खाएं।
  • साबुन का इस्तेमाल न करें: कभी भी फलों को साफ करने के लिए बर्तन धोने वाले साबुन या डिटर्जेंट का उपयोग न करें, यह और भी खतरनाक हो सकता है।
  • ब्रश का इस्तेमाल: सेब या खीरे जैसे सख्त फलों को साफ करने के लिए एक मुलायम क्लीनिंग ब्रश का उपयोग करें ताकि कोनों में फंसी गंदगी निकल जाए।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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