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Chai Side Effects: सुबह खाली पेट चाय पीने की आदत बन सकती है साइलेंट खतरा, 30 दिन में दिखते हैं चौंकाने वाले बदलाव

Chai Side Effects: बहुत से लोगों के लिए सुबह की शुरुआत चाय के बिना अधूरी लगती है और अक्सर नाश्ता छोड़कर खाली पेट चाय पी ली जाती है। लेकिन अगर आप लगातार 30 दिनों तक रोज खाली पेट चाय पीते हैं, तो एक्सपर्ट्स के अनुसार इसका असर सेहत पर पड़ सकता है यहां जानिए इसके नुकसान।

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भारत

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MEGHA ROY

Feb 06, 2026

Milk tea side effects,Side effects of milk tea

Side effects of drinking tea everyday|फोटो सोर्स – Freepik

Chai Side Effects: सुबह की शुरुआत अगर एक कप गर्म चाय से होती है, तो यह आदत सुनने में भले ही आम लगे, लेकिन सेहत के लिहाज से हमेशा सुरक्षित नहीं होती। खासकर जब चाय खाली पेट पीने की आदत रोजाना बन जाए, तो शरीर पर इसका असर धीरे-धीरे अंदर ही अंदर दिखने लगता है। डाइटिशियन( शोधकर्ता )पल्लवी कुमारी के अनुसार, खाली पेट चाय पीने से तुरंत कोई बड़ा लक्षण नजर न आए, लेकिन करीब 30 दिन बाद शरीर कुछ ऐसे संकेत देने लगता है, जिन्हें हल्के में लेना नुकसानदायक हो सकता है। पाचन तंत्र से लेकर हार्मोनल बैलेंस तक, कई सिस्टम पर इसका असर पड़ता है। आइए जानते हैं कि एक महीने तक सुबह खाली पेट चाय पीने से शरीर को कौन-कौन से नुकसान झेलने पड़ सकते हैं।

खाली पेट चाय पाचन तंत्र को क्यों नुकसान पहुंचाती है

डाइटिशियन पल्लवी कुमारी बताती हैं कि चाय में मौजूद कैफीन, टैनिन, दूध, शक्कर और मसाले पाचन तंत्र को उत्तेजित करते हैं। आमतौर पर यह उत्तेजना तब सुरक्षित होती है, जब पेट में कुछ खाने का आधार हो। लेकिन खाली पेट यह सीधा असर पेट की अंदरूनी परत पर डालती है।उनके अनुसार बिना भोजन के चाय पीने से गैस्ट्रिक एसिड का स्राव अचानक बढ़ जाता है, जिससे पाचन और मेटाबॉलिज्म पर दबाव पड़ता है।

30 दिन में बढ़ने लगती है एसिडिटी और पेट की जलन

खाली पेट चाय पीने का सबसे पहला और आम असर एसिडिटी के रूप में सामने आता है। चाय प्राकृतिक रूप से एसिड का स्तर बढ़ाती है। जब पेट खाली होता है, तो यह एसिड पेट की परत को ही प्रभावित करने लगता है।डाइटिशियन के अनुसार, समय के साथ यह जलन सीने में जलन, मतली, पेट फूलने और ऊपरी पेट में भारीपन का कारण बन सकती है। जिन लोगों को पहले से एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्राइटिस की समस्या होती है, उनके लक्षण ज्यादा बार और ज्यादा तेज
हो सकते हैं।

ब्लोटिंग, गैस और पेट की संवेदनशीलता

चाय में मौजूद दूध कुछ लोगों के लिए सुबह के समय पचाना मुश्किल होता है। इससे गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है। वहीं कैफीन आंतों को तेजी से एक्टिव करता है। शुरुआत में तो सुबह-सुबह टॉयलेट जाना सामान्य लग सकता है, लेकिन रोज खाली पेट ऐसा होने से आंतें जरूरत से ज्यादा संवेदनशील हो जाती हैं और हल्की उत्तेजना पर भी परेशानी होने लगती है।

एनर्जी का झटका और फिर अचानक थकान

कैफीन थोड़ी देर के लिए सतर्कता बढ़ाता है, लेकिन अगर इसके बाद नाश्ता न किया जाए, तो बेचैनी, हाथ-पैर कांपना और अचानक थकान महसूस हो सकती है।वहीं शक्कर वाली चाय ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाकर अचानक गिरा देती है, जिससे मिड-मॉर्निंग क्रैश और मीठा खाने की इच्छा बढ़ जाती है।

नाश्ता छोड़ने की आदत और पोषण पर असर

खाली पेट चाय पीने से कई बार भूख दब जाती है, जिससे नाश्ता टल जाता है। यह आदत लंबे समय में अनियमित खाने और पोषक तत्वों की कमी का कारण बन सकती है। महिलाओं में इसका असर हार्मोनल बैलेंस और एनर्जी लेवल पर भी दिख सकता है।

तो फिर चाय पीने का सही तरीका क्या है?

डाइटिशियन पल्लवी कुमारी के अनुसार, चाय छोड़ने की जरूरत नहीं है, बस उसका समय सही होना चाहिए।सुबह उठते ही पहले गुनगुना पानी पिएं, फिर हल्का नाश्ता या कोई फल लें। इसके 30-45 मिनट बाद चाय पीना ज्यादा सुरक्षित और शरीर के लिए बेहतर माना जाता है।