
Millets side effects|फोटो सोर्स – Freepik
Bajra Khane Ke Nuksan: बाजरा आज के समय में सुपरफूड के तौर पर खूब पसंद किया जा रहा है, लेकिन क्या यह हर किसी और हर मौसम के लिए सही है? पोषक तत्वों से भरपूर होने के बावजूद बाजरा कुछ लोगों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकता है। खासतौर पर गलत समय, गलत मात्रा या गलत तरीके से सेवन करने पर इसके साइड इफेक्ट्स सामने आ सकते हैं। पाचन से जुड़ी दिक्कतों से लेकर शरीर में गर्मी बढ़ने तक, बाजरा हर शरीर पर एक जैसा असर नहीं करता। ऐसे में इसे डाइट में शामिल करने से पहले इसके छिपे नुकसान जानना जरूरी है।
हाइपोथायरॉइड से जूझ रहे लोगों के लिए बाजरा सावधानी वाला अनाज है।बाजरे में मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व थायरॉइड ग्रंथि के काम में बाधा डाल सकते हैं। ये तत्व शरीर में आयोडीन के उपयोग को प्रभावित करते हैं, जिससे थायरॉइड हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है। लंबे समय तक नियमित रूप से बाजरा खाने से थकान, सुस्ती और वजन बढ़ने जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।ऐसे लोगों को बाजरा खाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेनी चाहिए। अगर खाना ही हो, तो अच्छी तरह पकाकर और सीमित मात्रा में ही खाएं।
बाजरा फाइबर से भरपूर होता है, जो आमतौर पर पाचन के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन जिन लोगों का पाचन कमजोर होता है, उनके लिए यही फाइबर परेशानी पैदा कर सकता है।अगर आपको अक्सर गैस, पेट फूलना, भारीपन या कब्ज की शिकायत रहती है, तो बाजरा इन समस्याओं को बढ़ा सकता है। खासतौर पर रात के समय बाजरा खाने से पेट पर ज्यादा दबाव पड़ता है।ऐसे में बाजरे को धीरे-धीरे डाइट में शामिल करना चाहिए और पकाने से पहले भिगोना जरूरी है।
हालांकि बाजरे में आयरन पाया जाता है, लेकिन यह हर स्थिति में फायदेमंद नहीं होता।बाजरे में मौजूद कुछ तत्व शरीर में आयरन, कैल्शियम और जिंक के अवशोषण को कम कर सकते हैं। अगर पहले से ही आयरन की कमी है, तो ज्यादा बाजराखाने से शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता और कमजोरी बढ़ सकती है।ऐसे लोगों को बाजरा सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए और बेहतर अवशोषण के लिए भिगोया या अंकुरित बाजरा चुनना चाहिए।
जिन लोगों को बार-बार किडनी स्टोन की परेशानी होती है, उन्हें बाजरा खाने में सावधानी बरतनी चाहिए।कुछ प्रकार के बाजरे में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पथरी बनने की संभावना को बढ़ा सकते हैं। खासकर जिन लोगों को पहले कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन होचुका है, उनके लिए जोखिम ज्यादा होता है।ऐसे मामलों में बाजरा कम मात्रा में लें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
सामान्य तौर पर सप्ताह में 2–3 बार बाजरा पर्याप्त होता है। सही मात्रा और सही तरीके से खाया गया बाजरा नुकसान नहीं, बल्कि फायदा ही देता है। किसी भी बड़े डाइट बदलाव से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेना सबसे बेहतर रहता है।
Published on:
23 Jan 2026 12:41 pm
बड़ी खबरें
View Allलाइफस्टाइल
ट्रेंडिंग
स्वास्थ्य
