
UPI Failed Transaction Compensation (Image: Paytm)
UPI Failed Transaction Compensation: आज के समय में UPI देश का सबसे लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है। Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप्स के जरिए लोग रोजमर्रा की छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए भुगतान कर रहे हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पैसा अकाउंट से कट जाता है और सामने वाले तक नहीं पहुंचता। ऐसे में यूजर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है क्या पैसा वापस मिलेगा या डूब गया?
इस स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। RBI और NPCI ने UPI यूजर्स के हित में साफ नियम बनाए हैं, जिनके तहत सिर्फ रिफंड ही नहीं, बल्कि कुछ मामलों में मुआवजा (Compensation) भी मिल सकता है।
अगर UPI ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है और खाते से पैसा कट जाता है, तो बैंक या UPI सर्विस प्रोवाइडर की जिम्मेदारी होती है कि तय समय के भीतर समस्या का समाधान करे।
अधिकतर मामलों में 1 कार्य दिवस के भीतर पैसा अपने आप खाते में वापस आ जाना चाहिए। कई बार यह रिफंड कुछ मिनटों में हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में इसमें देरी भी हो सकती है। यही देरी आगे चलकर मुआवजे का आधार बनती है।
RBI और NPCI के नियमों के अनुसार, अगर बैंक या UPI ऐप तय समय सीमा के भीतर फेल ट्रांजैक्शन को ठीक नहीं करता, तो यूजर मुआवजे का हकदार होता है। यह मुआवजा रिफंड से अलग होता है, यानी पहले कटा हुआ पैसा लौटाया जाता है और उसके बाद अतिरिक्त रकम दी जाती है।
ध्यान रहे, मुआवजा तभी मिलता है जब गलती बैंक की तरफ से हो, सर्वर या टेक्निकल फेलियर हो, UPI ऐप की लापरवाही सामने आए।
मुआवजे की रकम ट्रांजैक्शन में हुई देरी पर निर्भर करती है। RBI के नियमों के तहत, तय समय सीमा पार होने पर प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाता है, जो सीधे ग्राहक को दिया जाता है। हालांकि यह रकम बहुत ज्यादा नहीं होती, लेकिन इसका मकसद बैंकों और पेमेंट ऐप्स को जवाबदेह बनाना है।
अगर आपका पैसा कट गया है और वापस नहीं आया है, तो सबसे पहले उसी UPI ऐप में शिकायत दर्ज करें जिससे आपने भुगतान किया था।
शिकायत करने के लिए नीचे दिए जा रहे स्टेप्स फॉलो करें।
यह समझना जरूरी है कि हर फेल UPI ट्रांजैक्शन पर मुआवजा नहीं मिलता। अगर गलती यूजर की तरफ से हुई है, जैसे गलत UPI ID डालना, कमजोर नेटवर्क के कारण खुद ट्रांजैक्शन रोक देना, ट्रांजैक्शन तुरंत रिवर्स हो जाना शामिल हैं, तो ऐसे मामलों में मुआवजे का नियम लागू नहीं होता।
अगर UPI ऐप और बैंक दोनों से संपर्क करने के बाद भी समस्या हल नहीं होती, तो यूजर NPCI के आधिकारिक पोर्टल या RBI के शिकायत निवारण सिस्टम पर शिकायत दर्ज कर सकता है। यहां मामलों की जांच की जाती है और सही पाए जाने पर यूजर को रिफंड के साथ मुआवजा भी मिल सकता है।
UPI भले ही आसान और तेज भुगतान का तरीका हो, लेकिन इसमें भी यूजर्स के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। अगर ट्रांजैक्शन फेल होता है और समय पर समाधान नहीं मिलता, तो RBI के नियमों के तहत रिफंड के साथ मुआवजा पाने का भी अधिकार है। सही जानकारी और समय पर शिकायत से आप अपने पैसे की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
Published on:
29 Jan 2026 05:50 pm

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