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Rajasthan: मुकुन्दरा की धरा पर परदेसी बाघिन का मंगल प्रवेश, ऐसे तय किया 700 किमी का लंबा सफर

मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शनिवार को 700 किमी का सफर पूरा करके परदेसी बाघिन का मंगल प्रवेश हुआ। वन विभाग के अनुसार यह मेच्योर बाघिन है। इसका वजन 140 किलो के करीब है।

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कोटा

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Kamal Mishra

Mar 01, 2026

Mukundara Hills Tiger Reserve

मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में प्रवेश करती बाघिन (फोटो-पत्रिका)

कोटा। मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में मध्य प्रदेश की बाघिन का शनिवार सुबह 8.30 बजे मंगल प्रवेश हो गया। बाघिन को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाया गया। झामरा घाटी स्थित एक हैक्टेयर क्षेत्रफल के सॉफ्ट रिलीज एनक्लोजर में बाघिन को छोड़ा गया। यहां बाघिन के व्यवहार को देखा व परखा जाएगा।

क्षेत्र के माहौल में ढलने के बाद बाघिन को जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ा जाएगा। इंटर स्टेट कॉरिडोर की योजना के तहत प्रदेश में यह दूसरा अवसर है जब अन्य प्रदेश से बाघिन को लाया गया है। इससे पहले रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघिन को लाया गया था।

मुकुन्दरा तक का ऐसे किया सफर

बाघिन को एक दिन पहले शुक्रवार को दोपहर 12.45 बजे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र की जगुआ बीट में सुरक्षित रूप से ट्रंकुलाइज किया गया। रेडियो कॉलर भी लगाया गया। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रोटोकॉल के अनुसार बाघिन का स्वास्थ्य परीक्षण कर 4 बजे के करीब बाघिन को सड़क मार्ग से रवाना किया। छत्तरपुरा, झांसी, शिवपुरी होते हुए करीब 16 घंटे का सफर व 700 किलोमीटर की दूरी तय कर बाघिन शनिवार सुबह 8 बजे मुकुन्दरा पहुंची। यहां 8.30 बजे बाघिन को झामरा एनक्लोजर में छोड़ा गया।

140 किलो की है बाघिन

उपवन संरक्षक मुथु एस, डॉ. तेजेन्द्र रियाड़, बायोलॉजिस्ट रोहित चारण व स्टॉफ मेंबर गिर्राज व चेतन तथा बांधवगढ़ की टीम शिफ्टिंग के मौके पर मौजूद रही। बाघिन की आयु साढ़े तीन साल है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह मेच्योर बाघिन है। इसका वजन 140 किलो के करीब है।

मिशन- 5 टाइग्रेस

यह मध्य प्रदेश से राजस्थान के लिए दूसरी अंतरराज्यीय बाघ स्थानांतरण की सफलता है। इससे पूर्व पेंच टाइगर रिजर्व से बाघिन पीएन 225 को 22 दिसम्बर 2025 को रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में लाया गया था। अब सवा दो माह के अंतराल में दूसरी बाघिन को मुकुन्दरा में शिफ्ट किया गया। इंटर स्टेट बाघ कॉरिडोर के तहत मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के टाइगर रिजर्व से कुल पांच बाघिनों को लाने की योजना है। सभी बाघिनें अलग अलग स्थानों से लाई जानी है। अब जो बाघिन लाई जाएंगी, उनमें से एक को मुकुन्दरा व शेष दो को रामगढ़ विषघारी टाइगर रिजर्व में छोड़ा जाएगा।

विशेषज्ञों की टीम रखेगी निगरानी

इस बाघिन का सफल आगमन राज्य के लिए एक ऐतिहासिक संरक्षण उपलब्धि है। यह वैज्ञानिक एवं लैंडस्केप-आधारित बाघ प्रबंधन के प्रति राजस्थान की प्रतिबद्धता को स्थापित करती है। विशेषज्ञ टीम 24 घंटे बाघिन की निगरानी रखेगी। स्वास्थ्य एवं अनुकूलन से संबंधित सभी मानकों का अवलोकन एनटीसीए के मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। सभी मानकों के संतोषजनक मूल्यांकन के पश्चात बाघिन को मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक आवास में मुक्त किया जाएगा। -सुगना राम जाट, क्षेत्र निदेशक, मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व, कोटा