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खुशखबरी… हाड़ौती के 1.13 लाख घरों तक पहुंचेगा कालीसिंध नदी का शुद्ध पानी, 1149.36 करोड़ का कार्यादेश हुआ जारी

Water Project: जल जीवन मिशन के अंतर्गत वर्ष 2021 में स्वीकृत इस परियोजना के लिए कुल 1661.14 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना के अंतर्गत पैकेज-1 में इन्टेक वेल, राइजिंग मेन पाइपलाइन तथा 3 जल शोधन संयंत्रों का निर्माण किया जाएगा।

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कोटा

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Kamal Mishra

Jan 26, 2026

water project

प्रतीकात्मक तस्वीर-एआई जेनरेटेड

कोटा। चम्बल नदी के बाद अब हाड़ौती अंचल की जनता को कालीसिंध नदी का शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कालीसिंध नदी का पानी कोटा और बूंदी जिलों के 1 लाख 13 हजार से अधिक घरों तक पहुंचेगा। पीकेसी-ईआरसीपी के तहत निर्मित नवनेरा बांध से नवनेरा वृहद पेयजल परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

जलदाय विभाग ने कोटा और बूंदी जिलों के लिए इस महत्वाकांक्षी नवनेरा वृहद पेयजल परियोजना के चारों पैकेजों के लिए कुल 1149.36 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी कर दिए हैं। परियोजना का विस्तृत प्लान तैयार हो चुका है और अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। दो दिन पूर्व जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

चार पैकेजों में होगा निर्माण कार्य

जल जीवन मिशन के अंतर्गत वर्ष 2021 में स्वीकृत इस परियोजना के लिए कुल 1661.14 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना के अंतर्गत पैकेज-1 में इन्टेक वेल, राइजिंग मेन पाइपलाइन तथा 3 जल शोधन संयंत्रों का निर्माण किया जाएगा।

पैकेज-2 के अंतर्गत इटावा ब्लॉक के लिए ट्रांसमिशन मेन पाइपलाइन, पंप हाउस और क्लस्टर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम विकसित किया जाएगा। पैकेज-3 में सुल्तानपुर और लाडपुरा ब्लॉकों के लिए पाइपलाइन और पंप हाउस का निर्माण होगा। पैकेज-4 के तहत बूंदी जिले के नैनवा, केशवरायपाटन, तालेड़ा और बूंदी ब्लॉकों के 365 गांवों में संपूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

परियोजना को अगस्त 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

पेयजल समस्या का होगा स्थायी समाधान

परियोजना पूर्ण होने के बाद कोटा जिले के 384 गांवों, इटावा, सुल्तानपुर और कैथून सहित 3 कस्बों तथा बूंदी जिले के 365 गांवों और कापरेन, लाखेरी एवं केशवरायपाटन कस्बों में कुल 1,13,287 घरों को नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस परियोजना से वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।

उल्लेखनीय है कि परियोजना के लिए वर्ष 2022 और 2023 में आमंत्रित निविदाएं अधिक दरों के कारण निरस्त करनी पड़ी थीं। इसके बाद तीसरी बार निविदाओं को चार पैकेजों में विभाजित कर पुनः आमंत्रित किया गया, जिससे प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ी और अब सभी कार्यादेश जारी हो चुके हैं।

ये होंगे मुख्य निर्माण कार्य

  • 1 इन्टेक वेल
  • 3 वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट
  • 210 उच्च जलाशय
  • 14 पंप हाउस
  • 4500 किलोलीटर से अधिक पाइपलाइन
  • 1.13 लाख घरेलू जल कनेक्शन