
Takli Dam Irrigation Project: कोटा जिले के किसानों के लिए वर्ष 2026 एक ऐतिहासिक वर्ष साबित होने वाला है, क्योंकि लंबे इंतजार के बाद ताकली बांध सिंचाई परियोजना अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुकी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत क्षेत्र के 33 गांवों की 7800 हैक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित किया जाएगा, जिससे किसानों की किस्मत बदलने के साथ ही क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई संजीवनी मिलेगा।
ताकली बांध परियोजना का रास्ता आसान नहीं था। शिलान्यास 2008 में हुआ था और लगभग 285 करोड़ रुपए की लागत से यह परियोजना पूरी हुई। वर्ष 2025 में बांध का विधिवत उद्घाटन हुआ और अब इसकी टेस्टिंग सफलतापूर्वक हो चुकी है। वर्तमान में लगभग 4000 हैक्टेयर भूमि तक पानी पहुंचाया जा चुका है। बांध की कुल क्षमता 33.74 मिलियन क्यूबिक मीटर है और इसमें 13 आधुनिक जल निकासी गेट लगाए गए है।
ताकली बांध परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी भूमिगत पाइपलाइन प्रणाली है, जो कोटा जिले में पहली बार लागू की गई है। पारंपरिक खुली नहरों के मुकाबले, भूमिगत पाइपों के जरिए पानी की आपूर्ति से वाष्पीकरण और रिसाव की समस्या खत्म हो जाएगी। यह प्रणाली किसानों को उनके खेतों तक पानी सीधे पहुंचाएगी, जिससे पानी का अपव्यय रोका जा सकेगा।
ताकली बांध परियोजना के शुरू होने से किसानों को मानसून पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अब नियमित जलापूर्ति से वे साल में दो से तीन फसलें उगा सकेंगे, जिससे उनकी आय में भारी वृद्धि होगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रणाली से मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और जलभराव की समस्या भी नहीं होगी। इस परियोजना से किसानों की खुशहाली और समृद्धि की नई दिशा निर्धारित होगी। ताकली बांध परियोजना, अब एक जीवनरेखा बन चुकी है, जो चेचट क्षेत्र के किसानों को सुनहरे भविष्य की ओर ले जाएगी।
क्षेत्रफल : 1166 हैक्टेयर
बांध के गेट : 13
भराव क्षमता - 33.74 मिलियन क्यूबिक मीटर
लागत : लगभग 285 करोड़
शिलान्यास : 2008
लोकार्पण : 2025
भूमि सिंचित होगी : 33 गांवों की 7800 हैक्टेयर भूमि
Published on:
13 Mar 2026 02:50 pm
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