
FSL जांच करती टीम की फोटो: पत्रिका
Kota Building Collapse Update: कोटा शहर के इन्द्रविहार में ओपेरा रोड पर तीन मंजिला देहली नॉनवेज स्पाइसी रेस्टोरेंट गिरने के मामले में रविवार को नगर निगम, पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) ने अलग-अलग एंगल से जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने इससे सटे मुरादाबादी रेस्टोरेंट संचालक मोहम्मद दाउद और बिल्डिंग मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। देहली नॉनवेज स्पाइसी रेस्टोरेंट के संचालक का आरोप है कि मुरादाबादी रेस्टोरेंट की इमारत गिराने के कारण उनके रेस्टोरेंट की इमारत को नुकसान पहुंचा और वह अचानक गिर गई।
उधर निगम ने आसपास के भवन मालिकों को नोटिस थमाया है। हादसे में घायल 10 जनों में से 6 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। गौरतलब है कि रविवार रात हुए हादसे में एक कोचिंग छात्र समेत दो की मौत हो गई थी।
एफएसएल टीम ने रविवार को घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की, जिसमें प्राथमिक तौर पर सामने आया कि हादसे की मुख्य वजह बिल्डिंग का कम्बाइंड सिंगल पिलर पर बना होना है। पास की बिल्डिंग में चल रहे डिस्मेंटल कार्य के कारण इसका असर रेस्टोरेंट की इमारत पर पड़ा और वह अचानक भरभराकर गिर गई।
एफएसएल की अतिरिक्त निदेशक डॉ. राखी खन्ना के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और बिल्डिंग मटेरियल के सैंपल जांच के लिए एकत्रित किए। डॉ. खन्ना ने बताया कि जांच के दौरान यह देखा गया कि बिल्डिंग कितने कॉलम और पिलर पर आधारित थी, निर्माण में किस गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल हुआ और संरचना कितनी मजबूत थी। इन सभी बिंदुओं की तकनीकी जांच की गई है।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि ढही हुई इमारत के पास स्थित दूसरी बिल्डिंग के पिलरों में भी गैप आ गया है। एफएसएल टीम के अनुसार ये इमारतें भी अब व्यवसाय के लिए सुरक्षित नहीं है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन को इस इमारत को असुरक्षित घोषित करने की सिफारिश की गई है। टीम ने यह भी देखा कि इलाके की कई दीवारें सिंगल परत की हैं और उन पर मजबूती के लिए प्लास्टर तक नहीं किया गया है, जिससे वे काफी कमजोर हो चुकी हैं।
डीएसपी योगेश शर्मा ने बताया कि रेस्टोरेंट कर्मचारी भूपेंद्र मीणा की शिकायत पर पास स्थित मुरादाबादी रेस्टोरेंट संचालक मोहम्मद दाउद और बिल्डिंग मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और यदि अन्य लोग भी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि घटना के बाद आसपास बिना स्वीकृति के बने 5 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए है। इन्हें दो दिन में भवन हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हें सतर्कता के तौर पर रात को ही खाली करवा लिया गया था। ऐसा न करने पर निगम की ओर से इन भवनों को सीज कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। शहर में 10 स्थानों पर भवनों के निकट जेसीबी मशीनों और हैमर संचालन को बंद करवाया गया है। इसके अलावा शहर में ऐसे भवनों का चिन्हीकरण किया जा रहा है।
Updated on:
09 Feb 2026 08:20 am
Published on:
09 Feb 2026 08:19 am
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