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‘गहलोत नहीं चाहते थे यहां एयरपोर्ट बने…’, राजस्थान में नए एयरपोर्ट के शिलान्यास से पहले ऊर्जा मंत्री ने पूर्व CM पर किया पलटवार

कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास से पहले ही सियासत तेज हो गई है। एयरपोर्ट परियोजना को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच श्रेय लेने की होड़ छिड़ गई है, जिसमें दोनों दल एक-दूसरे पर देरी के आरोप लगा रहे हैं।

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कोटा

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Akshita Deora

Mar 07, 2026

Kota-Bundi Greenfield Airport

फोटो-एआई जेनरेटेड

Rajasthan Politics: कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शनिवार को शिलान्यास किया जाएगा। शिलान्यास से पहले ही नेताओं में एयरपोर्ट को लेकर श्रेय लेने की होड़ मच गई है। भाजपा और कांग्रेस एयरपोर्ट को लेकर एक-दूसरे पर दोषारोपण कर देरी के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हर चुनाव में एयरपोर्ट बड़ा मुद्दा रहता था।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर कोटा एयरपोर्ट को लेकर बयान जारी किया। गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा, कोटा एयरपोर्ट की पहल हमारी कांग्रेस सरकार ने की थी। राहुल गांधी ने कोटा में एक जनसभा के दौरान वहां की जनता से एयरपोर्ट बनाने का वादा किया था। उसे हकीकत बनाने के लिए हमारी कांग्रेस सरकार ने 1250 एकड़ जमीन कोटा में एयरपोर्ट के लिए 2021 में निशुल्क आवंटित की।

वर्ष 2022 में यहां से बिजली लाइनों को शिफ्ट करने के लिए 120 करोड़ का बजट भी स्वीकृत किया। केन्द्र सरकार की लेटलतीफी के कारण यह प्रोजेक्ट करीब 4 साल तक अटका रहा। उधर, कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने कहा कि कांग्रेस ने एयरपोर्ट की शुरुआत की थी, भाजपा नेता श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं, जनता सब जानती है।

गहलोत का बयान उनकी ‘कमजोर याददाश्त’ और ‘विकास विरोधी सोच’ : भाजपा

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा कोटा एयरपोर्ट को लेकर दिए गए बयान पर कड़ा पलटवार किया। नागर ने कहा कि गहलोत का बयान उनकी ‘कमजोर याददाश्त’ और ‘विकास विरोधी सोच’ को दर्शाता है। गहलोत नहीं चाहते थे कि कोटा में एयरपोर्ट बने, इसलिए उनकी सरकार ने जानबूझकर अटकाए रखा।

गहलोत ने एयरपोर्ट के लिए जिस भूमि का हवाला दिया, उसका लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र का था। इस वन भूमि के डायवर्जन की जटिल प्रक्रिया को पूरा करने के बजाय तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इसमें केवल अड़ंगे डालने का काम किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और गहलोत ने इसी धरती से एयरपोर्ट का वादा किया था, लेकिन उसे कभी पूरा नहीं किया।

तत्कालीन कांग्रेस सरकार को एयरपोर्ट परियोजना के लिए कुल 147 करोड़ रुपए जमा करवाने थे। जिसमें से उन्होंने केवल 21.13 करोड़ ही जमा किए और अन्य प्रक्रियाओं को भी अटकाए रखा। लोकसभा अध्यक्ष के प्रयासों और प्रधानमंत्री की गारंटी से एयरपोर्ट का सपना डबल इंजन की सरकार में साकार हो रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण एयरपोर्ट के कार्य में देरी हुई है।

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