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कोरीया, May 29, 2026

Indian Railway: बौरीडांड़-बैकुंठपुर डबल रेल लाइन बिछाने चोरी की रेत का उपयोग, खनिज विभाग है मौन, सिर्फ ग्रामीणों पर कार्रवाई क्यों?

Indian Railway: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर की देखरेख में चल रहा है रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य, रेलवे ट्रैक के किनारे जगह-जगह अवैध रेत भंडारण, ग्रामीणों का कहना यदि वे रेत लाते हैं तो विभाग वसूलता है जुर्माना

Indian Railway

Illegal sand storage (Photo- Patrika)

बरबसपुर। बौरीडांड़ जंक्शन से बैकुंठपुर रोड तक डबल लाइन (Indian Railway) बिछाने सहित अन्य निर्माण कराने के लिए बिना अनुमति रेलवे ट्रैक के किनारे जगह-जगह अवैध रेत भंडारण शुरु कर दिया गया है। लेकिन खनिज विभाग को अवैध रेत भंडारण का पता ही नहीं है। इधर ग्रामीण इस बात को लेकर आक्रोश जता रहे हैं कि इस क्षेत्र में एक भी लाइसेंसी रेत खदान नहीं हैं, इसके बावजूद रेत का भंडारण किया जा रहा है। जबकि ग्रामीण यदि पीएम आवास के लिए भी रेत लाते हैं तो खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है। यह विभाग का दोहरा चरित्र उजागर करता है।

ग्राम पंचायत नागपुर में रेलवे स्टेशन के पास डबल लाइन (Double rail line) और पुल निर्माण करा रहे हैं, जहां आसपास की नदी से रेत का अवैध खनन कर भंडारण कर लिया गया है। जबकि नागपुर, बरबसपुर क्षेत्र में एक भी लाइसेंसी रेत खदान नहीं है। बावजूद बड़ी मात्रा में रेत भंडारण किया जा रहा है। इसके बावजूद खनिज विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।

वहीं ग्रामीण अपने घर में उपयोग करने व पीएम आवास के लिए रेत लाते हैं तो खनिज विभाग तुरंत पकड़ कर जुर्माना ठोंक देता है। इस मामले में ग्रामीणों ने खनिज विभाग (Mining Department) से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अवैध रेत भंडारण करने पर तत्काल बंद कराएं। वहीं अगर भंडारण का लाइसेंस लिया गया है तो रकबा, खसरा नंबर सावर्जनिक कराएं।

क्योंकि रेलवे ठेकेदार के स्टाफ आसपास की नदी-नाले से रेत खनन कर भंडारण कर रहे हैं, जो गलत है, उन्हें लाइसेंसी खदान से ही रेत का उपयोग करना चाहिए। वहीं ग्राम पंचायत उजियारपुर में रेलवे ओवर ब्रिज के पास भी रेलवे का निर्माण हो रहा है, जहां बड़ी मात्रा में रेत भंडारण हुआ है। अवैध रेत भंडारण (Illegal sand) और खनन से राज्य सरकार को रॉयल्टी राशि का नुकसान भी हो रहा है।

Indian Railway: 1376.2 करोड़ का प्रोजेक्ट

बौरीडांड़ जंक्शन (Bauridand Junction) से शिव प्रसाद नगर तक करीब 79.90 किलोमीटर दोहरीकरण कराया जाना है, लेकिन दो खंड में कार्य को विभाजित किया गया है। बैकुंठपुर रोड से शिवप्रसादनगर खंड और बौरीडांड़ जंक्शन से बैकुंठपुर रोड स्टेशन खंड में दोहरीकरण प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इसकी कुल लागत करीब 1376.2 करोड़ है।

हालांकि, बौरीडांड से बैकुंठपुर तक दोहरीकरण का कार्य हाल ही में शुरू हुआ है। गौरतलब है कि बौरीडांड़- बैकुंठपुर तक रेललाइन दोहरीकरण परियोजना को लेकर भू-अर्जन एवं मुआवजा वितरण की प्रक्रिया चल रही है। दोहरीकरण परियोजना मेें कुल 9 ग्राम उजियारपुर, बरबसपुर, दर्रीटोला, सरोला, सेमरा, लाई, उदलकछार, शंकरगढ़ एवं बेलबहरा प्रभावित हैं। रेल दोहरीकरण के लिए कुल 6.980 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) हुआ है।

इसमें 111 किसान की निजी भूमि 5.225 हेक्टेयर और 28 प्रकरण में 1.755 हेक्टेयर सरकारी भूमि शामिल है। जिसके एवज में 4 करोड़ 78 लाख 47 हजार 777 रुपए की अवार्ड राशि पारित है। जिला प्रशासन की निगरानी में प्रभावित हितग्राहियों के बैंक खातों की जानकारी तहसीलदार, उप तहसील नागपुर के माध्यम से संकलित की जा रही है। फिर मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा।

अधिकारी बोले- लाइसेंस जारी नहीं, करेंगे जांच

एमसीबी जिले के खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा का कहना है कि खनिज विभाग ने रेत भंडारण करने लाइसेंस जारी नहीं किया है। बिना लाइसेंस के कोई भी रेत भंडारण (Illegal sand storage) नहीं कर सकता है। मामले में जांच की जाएगी। जिससे पता चलेगा कि रेत कहां से लाकर भंडारण हुआ है।

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