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युवक को SECL खदान में छोड़कर भागे दोस्त, 13 दिन बाद इस हाल में मिली लाश, देखकर पुलिस भी रह गई हैरान

Crime News: युवक 13 दिन से लापता था। उसकी तलाश की जा रही थी। कुसमुंडा खदान के भीतर युवक कैसे पहुंचा? इसकी पुलिस जांच कर रही है। लेकिन चर्चा है कि युवक चोर गिरोह के साथ खदान के भीतर घुसा था।

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क्राइम (प्रतीकात्मक तस्वीर)

क्राइम (प्रतीकात्मक तस्वीर)

CG Crime News: कोरबा के गेरवांघाट इलाके में रहने वाले एक युवक की लाश एसईसीएल की कुसमुंडा खदान में मिली है। युवक 13 दिन से लापता था। उसकी तलाश की जा रही थी। कुसमुंडा खदान के भीतर युवक कैसे पहुंचा? इसकी पुलिस जांच कर रही है। लेकिन चर्चा है कि युवक चोर गिरोह के साथ खदान के भीतर घुसा था।

बताया जाता है कि शुक्रवार को कुसमुंडा खदान में बरकुट फेस पर कर्मचारी काम कर रहे थे। वहां दुर्गंध आ रही थी। कर्मचारियों ने आसपास देखा तो एक लाश दिखाई दी। उन्होंने घटना की सूचना खदान में काम कर रहे आसपास के लोगों को दिया। पुलिस को अवगत कराया गया।

कुसमुंडा थाना और सर्वमंगला चौकी से पुलिस की एक टीम कुसमुंडा खदान में बरकुटा फेस पर पहुंची। शव पर थोड़ा मिट्टी था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान करने का प्रयास किया। लेकिन शव क्षत विच्छत होने से पुलिस को पहचान करने कठिनाई हो रही थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पहचान के लिए प्लास्टिक में लपेटकर खदान से बाहर निकल गई।

दो-तीन लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया

शनिवार को शव की पहचान लखेश्वर कुर्रे उम्र करीब 37 वर्ष से की गई। शव की पहचान लखेश्वर के परिवार ने की। परिवार ने बताया कि लखेश्वर 27 दिसंबर को घर से निकला था। इसके बाद नहीं लौटा। तब से उसकी खोजबीन की जा रही थी। पूछताछ में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि 27 दिसंबर की रात चोरों के गिरोह में शामिल आठ से नौ लोग कुसमुंडा खदान में बरकुटा फेस पर घुसे थे। गिरोह में शामिल दो- तीन लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया है।

गिरोह ने बाहर निकलाने का प्रयास

पूछताछ में यह भी पता चला है कि चोरों के गिरोह ने करंट से झुलसे लखेश्वर को बाहर निकालने का प्रयास किया था। लेकिन खदान के भीतर से बाहर निकलने के लिए चढ़ाई ज्यादा होने से लखेश्वर को नहीं निकाल सका। इस बीच इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई। तब गिरोह शव को छोडक़र खदान से बाहर निकल गया।

खदान में पंप से केबल काटने समय करंट की चपेट में आया

बताया जाता है कि 27 दिसंबर को लखेश्वर मानिकपुर में रहने वाले बाबूलाल चौहान के साथ निकला था। लखेश्वर ने परिवार को बताया था कि वह एक पिकनिक पार्टी में जा रहा है। लेकिन वह रातभर घर नहीं लौटा। इस बीच परिवार ने लखेश्वर के मोबाइल पर सम्पर्क किया। मोबाइल बंद मिला। परिवार के सदस्य लखेश्वर की खोज खबर लेने के लिए बाबूलाल के पास पहुंचे। तब बाबूलाल ने यह कहते हुए पाला झाड़ लिया कि रात में पिकनिक के बाद वह (बाबूलाल) घर आ गया था।

लखेश्वर के बारे में उसे जानकारी नहीं है। तब मानिकपुर के डिपरापारा में रहने वाले लखेश्वर के भाई और परिवार के अन्य सदस्यों ने स्थानीय पार्षद नारायणलाल कुर्रे से सम्पर्क किया था। उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी थी। इस मामले में परिवार की की ओर से लखेश्वर के गुमशुदगी की रिपोर्ट कोतवाली थाना में दर्ज कराई गई।

पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की तो लखेश्वर के मोबाइल का अंतिम लोकेशन पाली पड़निया में मिला। पुलिस ने लखेश्वर से बातचीत करने वाले एक युवक को पकड़ा। उससे पूछताछ में खुलासा हुआ है कि लखेश्वर कोयला खदानों में कबाड़ और डीजल चोरी करने वाले गिरोह के लिए काम करता था। गिरोह ने उसे अपने साथ कुसमुंडा खदान में सामान की चोरी करने के लिए ले गया था। बरकुटा फेस पर पानी पंप के लिए बिछाए गए बिजली केबल को काटते समय लखेश्वर करंट की चपेट में आकर झुलस गया। उसकी मौत हो गई।


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