कोरबा, Jun 03, 2026

11 हाथियों ने मिलकर उजाड़ दिया गांव (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Elephant News: कोरबा जिले के जटगा रेंज में हाथियों के दल ने एक बार फिर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार देर रात 11 हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर गांव के करीब पहुंच गया और खेतों में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने कई किसानों की केले और सब्जियों की फसलों को रौंद डाला, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों का दल देर रात खेतों में घुसा और देखते ही देखते कई एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा दिया। सबसे ज्यादा नुकसान केले, मक्का और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को हुआ है। कई किसानों ने बताया कि महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई।
हाथियों की मौजूदगी की खबर मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण पूरी रात जागकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। कई लोगों ने ढोल-नगाड़े और पटाखों की मदद से हाथियों को गांव से दूर भगाने की कोशिश की। हालांकि हाथियों का दल देर रात तक आसपास के क्षेत्रों में घूमता रहा। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही से डर का माहौल बना हुआ है। लोगों को डर है कि यदि हाथियों का दल रिहायशी इलाके में घुस गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
सुबह जब किसान खेतों में पहुंचे तो वहां तबाही का मंजर दिखाई दिया। कई खेत पूरी तरह रौंदे जा चुके थे। केले के पेड़ टूटकर जमीन पर बिखरे पड़े थे, जबकि सब्जियों की फसल बुरी तरह नष्ट हो चुकी थी। किसानों ने बताया कि पहले ही मौसम और लागत बढ़ने की मार झेल रहे थे, अब हाथियों के उत्पात ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन और वन विभाग से मुआवजे की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों की निगरानी शुरू कर दी गई। विभाग के कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और लगातार हाथियों की लोकेशन ट्रैक की जा रही है। वन अधिकारियों के अनुसार हाथियों का दल अभी जंगल और गांव के बीच के क्षेत्र में मौजूद है। विभाग की टीम ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात में अकेले बाहर नहीं निकलने की सलाह दे रही है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथियों के करीब जाने या उन्हें उकसाने की कोशिश न करें। साथ ही किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को देने को कहा गया है।
कोरबा और आसपास के वन क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ी है। जंगलों में भोजन और पानी की कमी के कारण हाथियों का दल अब गांवों की ओर रुख कर रहा है। इससे मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों का लगातार कम होना और वन क्षेत्र में मानवीय हस्तक्षेप बढ़ना भी हाथियों के गांवों की ओर आने की बड़ी वजह है। फिलहाल वन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
Published on: 03 Jun 2026 05:38 pm

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