
पत्रिका टॉक-शो : युवा बोले, बजट आंकड़ों का खेल नहीं, सपने, भविष्य तय करने के साथ बेरोजगारी दूर करने वाला होना चाहिए
केंद्र के बजट-2026 पर देशभर के युवाओं की उम्मीदें टिकी हुई है। पत्रिका ने बजट को लेकर स्टूडेंट्स, नौकरी पेशा और युवा वर्ग को लेकर टॉक शो कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान युवा और युवा महिलाओं ने खुलकर अपने विचार रखे।
खंडवा इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज परिसर में टॉक शो आयोजित हुआ। इसमें स्टूडेंट्स और युवा वर्ग में महिलाओं ने खुलकर अपने विचार रखे। पत्रिका के इस मंच पर युवाओं के सपनों, चुनौतियों और उम्मीदों को आवाज़ देने की कोशिश की। नौकरी की संभावनाओं से शिक्षा में निवेश और स्टार्टअप को बढ़ावा देने तक। हर पहलू पर चर्चा हुई।
युवाओं ने कहा कि बजट सिर्फ आंकड़े का खेल नहीं, बल्कि उनके भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज़ है। युवाओं की ये आवाज़ बता रही है कि बजट सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि उनके सपनों और भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज़ है। सरकार अगर इन सुझावों पर ध्यान दे, तो युवाओं का विश्वास और मजबूत होगा।
निकिता सोलंकी : सरकारी नौकरियों की संख्या बढ़नी चाहिए, ताकि युवाओं को स्थिर भविष्य मिले।, संविदा के साथ निजी सेक्टर में भी सुरक्षित वेतन और बेहतर सुविधाओं को बजट में शामिल किया जाए।
अर्चना तंवर : स्टार्टअप को टैक्स में राहत मिले तो हम खुद रोजगार पैदा कर सकते हैं।, महंगाई पर नियंत्रण और आसान लोन से युवाओं की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।इस तरह की नीति पर बजट लाना होगा।
अंजलि सिसोदिया : बेरोजगार बढ़ गई है। सरकारी गैर सरकारी विभागों में पद खाली पड़े हैं। सरकारी सेक्टर हो या फिर निजी सेक्टर हो सभी में जॉब को बढ़ावा मिलना चाहिए। जिससे युवाओं को रोजगार मिले।
अकांक्षा बहेरिया : बजट में एजूकेशन वेलफेयर को अधिक जगह मिलनी चाहिए। स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स पर अधिक फंडिंग हो। इससे युवाओं के लिए आसान लोन और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
काजल राठौर : छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार हो। हर आरक्षित वर्ग के साथ ही सामान्य वर्ग के बच्चों को भी स्कॉलरशिप मिलनी चाहिए।
जयश्री आर्य : शिक्षा पर अधिक बजट खर्च हो, ताकि रिसर्च और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिले। छोटी कक्षाओं में तकनीकी की पढ़ाई शुरु करनी चाहिए।
पवन कास्डे : छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में फीस कम होनी चाहिए। कॉलेज के साथ ही तकनीकी सुविधाओं की शिक्षा पर बल दिया जाना चाहिए।
अनोखीलाल : कॉलेज फीस और हॉस्टल खर्च कम करने के लिए सब्सिडी जरूरी है। ग्रामीण छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा और इंटरनेट सुविधा बढ़ाई जाए।
Updated on:
19 Jan 2026 11:50 am
Published on:
19 Jan 2026 11:46 am
बड़ी खबरें
View Allखंडवा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
