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दौड़ती मुंबई-हावड़ा मेल में गूंजी किलकारी

MP News: रेल सफर में गूंजी किलकारी, मुंबई–हावड़ा मेल में सुरक्षित प्रसव, स्टेशन पर रेलवे डॉक्टरों ने निभाई जीवनरक्षक भूमिका, सतर्कता से मां और बच्चा स्वस्थ।

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katni

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MP News: मुंबई से कोलकाता जा रही ट्रेन क्रमांक 12322 हावड़ा मेल में उस समय मानवीय संवेदनशीलता और चिकित्सकीय तत्परता का अनुकरणीय उदाहरण देखने को मिला, जब यात्रा के दौरान एक महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्लीपर कोच S-5 की सीट संख्या 42 और 44 पर यात्रा कर रही शांति कुमारी (26) ने चलती ट्रेन में ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान मां और नवजात दोनों सुरक्षित रहे। जच्चा-बच्चा को मध्यप्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर उतारकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुंबई-हावड़ा मेल में गूंजी किलकारी

जानकारी के अनुसार, यात्री दिलीप कुमार अपनी पत्नी शांति कुमारी के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई से बिहार के भभुआ रोड (BBU) की यात्रा कर रहे थे। ट्रेन के सफर के दौरान ही अचानक शांति कुमारी को प्रसव पीड़ा होने लगी। प्रसव पीड़ा से शांति को तड़पते देख तुरंत यात्रियों ने रेलवे प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे के डॉक्टरों एवं मेडिकल स्टाफ ने स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी और आवश्यक प्राथमिक चिकित्सकीय मार्गदर्शन दिया। जिसके चलते चलती ट्रेन में ही शांति ने नवजात को जन्म दिया।

जच्चा-बच्चा स्वस्थ, अस्पताल में कराया भर्ती

ट्रेन के कटनी रेलवे स्टेशन पहुंचते ही रेलवे की डॉक्टरों की टीम पूरी तैयारी के साथ तैनात मिली, जिन्होंने मां और नवजात को सुरक्षित रूप से ट्रेन से उतारकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में किए गए चिकित्सकीय परीक्षण में मां और बच्चा दोनों की स्थिति पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित पाई गई। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर समन्वय, सतर्क निगरानी और त्वरित चिकित्सा प्रबंधन के कारण प्रसव पूरी तरह सफल रहा। इस घटनाक्रम ने रेलवे के चिकित्सा तंत्र की तत्परता, मानवीय संवेदना और जिम्मेदार कार्यशैली को उजागर किया। चलती ट्रेन में सुरक्षित प्रसव और कटनी रेलवे स्टेशन पर योजनाबद्ध चिकित्सा प्रबंधन ने यह सिद्ध कर दिया कि आपात परिस्थितियों में रेलवे की डॉक्टर टीम जीवन रक्षक भूमिका निभाने में पूरी तरह सक्षम है।