29 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कानपुर, May 23, 2026

Kanpur News:साथी जवान की मां का हाथ कटने पर भड़के ITBP जवान, कमांडेंट बोले—घेराव नहीं, जांच पर भरोसा

ITBP Protest Kanpur:कानपुर में साथी जवान की मां का हाथ कटने के मामले ने तूल पकड़ लिया। डॉक्टरों पर लापरवाही और सीएमओ पर बचाने का आरोप लगाते हुए करीब 100 आईटीबीपी जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। जवानों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

ITBP, Kanpur News, Krishna Hospital, Medical Negligence, CMO Kanpur

पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे आईटीबीपी जवान

कानपुर में एक निजी अस्पताल में कथित चिकित्सीय लापरवाही का मामला शनिवार को बड़ा विवाद बन गया। आईटीबीपी जवान विकास सिंह ने अपनी मां निर्मला देवी का हाथ कटने के मामले में कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीएमओ कार्यालय की जांच रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए। जवान का आरोप है कि सीएमओ डॉक्टरों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और स्पष्ट जांच रिपोर्ट नहीं दी गई है। इसी को लेकर करीब 100 आईटीबीपी जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए और घेराव कर विरोध जताया।

पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे आईटीबीपी जवान

शनिवार सुबह करीब 11:15 बजे आईटीबीपी के जवान बड़ी संख्या में पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे।परिसर में आईटीबीपी की 15 से अधिक गाड़ियां और ट्रक मौजूद रहे। जवानों ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डॉ. विपिन कुमार ताडा से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों से बातचीत के बाद आईटीबीपी की पांच से छह गाड़ियां सीएमओ कार्यालय के लिए रवाना हुईं। वही मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय परिसर में काफी देर तक हलचल बनी रही। सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी। जवानों का कहना था कि जब तक दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।

डॉक्टरों की लापरवाही से हाथ काटने का आरोप

आईटीबीपी जवान विकास सिंह के मुताबिक, उनकी मां निर्मला देवी को 13 मई की शाम सांस लेने में दिक्कत होने पर कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि भर्ती के करीब 12 घंटे बाद 14 मई को उनके दाहिने हाथ में गंभीर सूजन आ गई। जब डॉक्टरों से शिकायत की गई तो उन्होंने इसे सामान्य बताते हुए कहा कि सूजन धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी।

विकास सिंह का कहना है कि साथी जवानों की सलाह पर उन्होंने 14 मई की शाम मां को पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने हाथ में गंभीर संक्रमण बताया। हालत बिगड़ने पर 17 मई को डॉक्टरों को निर्मला देवी का हाथ काटना पड़ा।

दो दिन तक पुलिस के चक्कर लगाने का आरोप

विकास सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने लगातार दो दिन तक रेलबाजार पुलिस और एसीपी कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वे अपनी मां का कटा हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने सीएमओ को जांच कर स्पष्ट रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।

सीएमओ रिपोर्ट पर उठा विवाद

शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय की रिपोर्ट सामने आई, लेकिन रिपोर्ट में “संभावनाओं” के आधार पर टिप्पणी किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट दोष तय कर रिपोर्ट देने और अभियोग दर्ज करने की संस्तुति करने को कहा था। इसके बावजूद कार्रवाई न होने से नाराज आईटीबीपी जवान शनिवार को फिर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए और डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाया।

क्या बोले अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था

अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ0 विपिन ताडा ने बताया कि कुछ दिवस पूर्व एक आईटीबीपी जवान द्वारा अस्पताल पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिसमें उनकी माताजी का हाथ काटे जाने की बात कही गई थी। चूंकि प्रकरण मेडिकल नेग्लिजेंस से संबंधित था, अतः माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मामले को जांच हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) महोदय को प्रेषित किया गया था।सीएमओ द्वारा नियमानुसार चिकित्सकों की समिति गठित कर प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत प्रार्थी पुनः अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपस्थित हुआ तथा रिपोर्ट के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति व्यक्त की। दोनों पक्षों से वार्ता उपरांत आपत्तियों से संबंधित प्रार्थना पत्र पुनः परीक्षण हेतु सीएमओ कार्यालय को भेज दिया गया है। चूंकि मामला पूर्णतः मेडिकल नेग्लिजेंस एवं उपचार प्रक्रिया से संबंधित है, इसलिए उपचार, डायग्नोसिस एवं चिकित्सकीय प्रक्रिया से जुड़े सभी बिंदुओं का परीक्षण चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा किया जाना आवश्यक है। जांच उपरांत जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे, उन्हीं के आधार पर अग्रिम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

ITBP कमांडेंट ने जारी किया बयान

ITBP के कानपुर के कमांडेंट गौरव प्रसाद ने बयान जारी करके कहा कि वो समय लेकर कानपुर पुलिस कमिश्नर के ऑफिस गए थे। जवान की मां के मामले में हुए मेडिकल नेग्लीजेंस पर। जांच पर भरोसा है। सीपी ऑफिस घेरने जैसी कोई बात नहीं है। जवान को देखकर हो सकता है मीडिया ने इसको गलत समझ लिया है।

कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें