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राजस्थान: किसान के बेटे ने आईएएस बनकर रचा इतिहास, UPSC में पाई 33वीं रैंक, जानें सफलता की कहानी

UPSC Result 2025 : एक साधारण किसान परिवार से आने वाले मयंक ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में ऑल इंडिया 33वीं रैंक हासिल कर आइएएस बनने का सपना साकार किया।

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मयंक पुरोहित: फोटो पत्रिका नेटवर्क

फलोदी। खेतों की मिट्टी से देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा तक पहुंचना हर किसी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन फलोदी के होनहार युवा मयंक पुरोहित ने यह कर दिखाया। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले मयंक ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में ऑल इंडिया 33वीं रैंक हासिल कर आइएएस बनने का सपना साकार किया।

यह सफलता सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि छोटे शहरों और सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा है। किसान परिवार में पले-बढ़े मयंक के पिता ममसा पुरोहित और दादा अर्जुनलाल पुरोहित समाज से जुड़े हुए व्यक्ति हैं। खेतों में पिता की मेहनत को देखकर मयंक ने मेहनत और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाया और हर चुनौती को अवसर में बदला।

पहले आइएफएस, अब आइएएस

मयंक ने इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए इंडियन फॉरेन सर्विस (आइएफएस) की परीक्षा में ऑल इंडिया सातवीं रैंक हासिल कर देशभर में अपनी पहचान बनाई थी। ऐसा करने वाले मयंक जिले के पहले आइएफएस अधिकारी बने थे, उस समय उन्होंने साफ कहा था कि उनका अंतिम लक्ष्य आइएएस बनना है और वे इसके लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। अब उन्होंने उस लक्ष्य को हासिल कर दिखाया है।

फलोदी के दूसरे आइएएस

फलोदी शहर के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पुष्करणा समाज से अब तक केवल एक आइएएस अधिकारी एसएन थानवी निकले हैं, जो मुख्य गृह सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद तक पहुंचे। अब मयंक पुरोहित इस सूची में शामिल होकर फलोदी के दूसरे आइएएस अधिकारी बन गए हैं।

जीवन में दोहरी खुशियां

मयंक की सफलता उनके लिए दोहरी खुशियां लेकर आई। 10 फरवरी को उनका विवाह हुआ और कुछ ही दिनों बाद यूपीएससी का परिणाम आया, जिसमें उनका चयन आइएएस के लिए हुआ। इस उपलब्धि से परिवार, मित्रों और पूरे फलोदी क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है।