
साध्वी प्रेम बाईसा। फाइल फोटो- पत्रिका
Sadhvi Prem Baisa Case Update जोधपुर। साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच फिलहाल एफएसएल रिपोर्ट के इंतजार में अटकी हुई है। अब तक की पड़ताल में बार-बार यही बात सामने आ रही है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी थी।
इंजेक्शन लगाने वाले नर्सिंग कर्मी देवीसिंह राजपुरोहित का कहना है कि उन्होंने डॉक्टर की सलाह के अनुसार वही दवाएं दी थीं, जो पहले भी दी जा चुकी थीं और तब कभी कोई परेशानी नहीं हुई थी। उनके अनुसार 28 जनवरी को साध्वी को स्टेरॉयड डेक्सोना और दर्द निवारक डायनपार का इंजेक्शन लगाया गया था। करीब 20 मिनट बाद सूचना मिली कि बाईसा की तबीयत बिगड़ गई है और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है।
राजपुरोहित ने बताया कि वह 18 वर्षों से सरकारी सेवा में हैं और इंजेक्शन इंट्रामस्क्युलर लगाया गया था। उनका कहना है कि इस घटना के बाद वह मानसिक दबाव में हैं, लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही या गलत मंशा से उन्होंने कोई काम नहीं किया। वह पहले भी साध्वी, उनके परिजनों और सेवादारों का इलाज कर चुके हैं और पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
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गौरतलब है कि 28 जनवरी को सर्दी और गले में तकलीफ की शिकायत के बाद साध्वी प्रेम बाईसा को एक कम्पाउंडर ने दो इंजेक्शन लगाए थे। इसके बाद उनके लिए दाल तैयार की गई। आमतौर पर यह भोजन कर्मचारी सुरेश उनके कक्ष में पहुंचाता था, लेकिन उस दिन साध्वी के पिता विरमनाथ खुद खाना लेकर कमरे में गए। भोजन के कुछ ही समय बाद साध्वी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई।
Published on:
03 Feb 2026 06:00 am

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