
साध्वी प्रेम बाईसा। फाइल फोटो- पत्रिका
Sadhvi Prem Baisa Death जोधपुर। बोरानाडा थानान्तर्गत पाल के आरती नगर स्थित एक आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालात में हुई मौत का मामला गुरुवार को दूसरे दिन भी रहस्य बना रहा। फिलहाल पुलिस हत्या, आत्महत्या अथवा अन्य कारणों से मृत्यु की आशंका को लेकर जांच कर रही है। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया, लेकिन चिकित्सकों की ओर से मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। उधर, परिजन शव को बालोतरा जिले के परेऊ क्षेत्र के जास्ती गांव ले गए।
सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) छवि शर्मा ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पिता बिरमनाथ की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की गई है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा गया, जिसके बाद वे शव गांव ले गए।
उन्होंने बताया कि मृत्यु से पहले पाल क्षेत्र में एक डॉक्टर के कहने पर मेडिकल स्टोर से आए एक कम्पाउंडर ने बुधवार सुबह साध्वी को इंजेक्शन लगाया था। कुछ देर राहत मिलने के बाद तबीयत फिर बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें पाल रोड स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम 5.50 बजे साध्वी की मृत्यु हो गई। इंजेक्शन लगाने वाले कम्पाउंडर से भी पूछताछ की गई है।
साध्वी प्रेम बाईसा मंगलवार को अजमेर के बड़ा लांबा में नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा पूर्ण कर आरती नगर स्थित आश्रम लौटी थीं। बुधवार सुबह उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई और सांस लेने में परेशानी होने लगी। हमेशा की तरह क्षेत्र की एक दवा दुकान के माध्यम से डॉक्टर को दिखाया गया। डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लिखा, जिसे एक कम्पाउंडर ने आश्रम जाकर लगाया।
करीब एक घंटे बाद तबीयत फिर बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें पाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शाम 5.50 बजे उनकी मृत्यु हो गई। चिकित्सक ने शव को मोर्चरी ले जाने के लिए एम्बुलेंस मंगवाने का आग्रह किया था, लेकिन पिता रात करीब साढ़े नौ बजे शव को एमजीएच मोर्चरी की बजाय कार से पाल गांव स्थित आश्रम ले गए थे।
साध्वी की मृत्यु की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम के बाहर एकत्रित हो गए। गुरुवार को भी बड़ी तादाद में श्रद्धालु एमजीएच मोर्चरी के बाहर पहुंचे और आक्रोश जताया। श्रद्धालुओं ने साध्वी के पिता बिरमनाथ द्वारा पहले पोस्टमार्टम नहीं कराने पर नाराजगी जताई, हालांकि पिता ने भी पूरे मामले की जांच की मांग की।
इससे पहले बुधवार देर रात बिना पोस्टमार्टम कराए शव आश्रम ले जाने पर भी श्रद्धालु आक्रोशित हो गए थे। उन्होंने मृत्यु को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। एसीपी छवि शर्मा देर रात आश्रम पहुंचीं और समझाइश के बाद शव को एमजीएच मोर्चरी भिजवाया गया।
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पुलिस ने आश्रम में घटनास्थल को सील कर दिया है। कार में रखा साध्वी प्रेम बाईसा का मोबाइल भी कब्जे में लिया गया है, लेकिन वह स्विच ऑफ मिला। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृत्यु के तीन-चार घंटे बाद साध्वी की सोशल मीडिया आईडी से उनकी मौत से जुड़ा पोस्ट किसने और कैसे अपलोड किया। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार यह पोस्ट पिता की ओर से किया गया बताया जा रहा है।
Published on:
29 Jan 2026 09:21 pm

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