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Sadhvi Prem Baisa : साध्वी प्रेम बाईसा की संत परंपरा से समाधि, संत बोले-इंजेक्शन से मौत समझ से परे, निष्पक्ष जांच हो

Sadhvi Prem Baisa : कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा को संत परंपरा से समाधि दी गई। जहां पिता ने गलत इंजेक्शन से मौत का दावा किया, वहीं कुछ भक्तों ने पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए। जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर ईश्वरीयनंद गिरि ने कहा इंजेक्शन से मौत की बात समझ से परे है।

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Sadhvi Prem Baisa attained samadhi in saintly tradition saint said, Death by injection is beyond comprehension

कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा। फोटो पत्रिका

Sadhvi Prem Baisa : कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा (23 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शुक्रवार को उन्हें संत परंपरा के अनुसार समाधि दी गई। जहां एक ओर पिता ने गलत इंजेक्शन से मौत का दावा किया, वहीं कुछ भक्तों ने पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए।

साध्वी प्रेम बाईसा का बुधवार को निधन हो गया। शुक्रवार को उनके पैतृक गांव परेऊ स्थित आश्रम में वैदिक विधि-विधान से समाधि दी गई। समाधि के दौरान ग्रामीणों, संतजनों और समाज के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। अंतिम दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बुधवार को साध्वी प्रेम बाईसा को जोधपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका निधन हो गया। इस दौरान सोशल मीडिया पर एक कथित सुसाइड नोट सामने आया।

साध्वी के पिता वीरमनाथ ने बताया कि उन्हें केवल मामूली जुकाम था और जोधपुर के एक आश्रम में इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद अस्पताल में मौत हो गई। वीरमनाथ ने कहा कि मैं हर तरह की मेडिकल जांच के लिए तैयार हूं, प्रशासन जो कहेगा, उस पर हस्ताक्षर करने को भी तैयार हूं।

गांव के आश्रम में दी गई समाधि

गुरुवार को पार्थिव देह परेऊ लाई गई और शुक्रवार दोपहर को गांव के आश्रम में समाधि दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि बाईसा के अचानक चले जाने से हम सभी आहत हैं। पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि किसी तरह का संदेह न रहे।

संतों और धर्म गुरुओं ने दी श्रद्धांजलि

विभिन्न अखाड़ों और मठों से आए संत-महात्माओं ने साध्वी को श्रद्धांजलि अर्पित की। संतों ने कहा कि प्रेम बाईसा केवल एक पिता की बेटी नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म की बेटी थी। जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर ईश्वरीयनंद गिरि ने बताया कि मैं कई कार्यक्रमों में उनके साथ रहा हूं। कभी ऐसा नहीं लगा कि उन्हें कोई दुख या परेशानी थी। इंजेक्शन से मौत की बात समझ से परे है। इस मामले में मेडिकल विभाग से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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