23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान हाईकोर्ट: हटा लें हाइवे से 75 मीटर के भीतर बने अवैध निर्माण, वरना प्रशासन हटवाएगा, तय की डेडलाइन

राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध निर्माण को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाइवे की मध्य रेखा से 75 मीटर के भीतर किया गया निर्माण गैरकानूनी है और इसे हटाना अनिवार्य होगा

2 min read
Google source verification
Rajasthan High Court

Rajasthan High Court (Patrika Photo)

जोधपुर: राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध निर्माण के कारण हो रही दुर्घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि हाइवे की मध्य रेखा से 75 मीटर के भीतर किया गया कोई भी निर्माण गैरकानूनी है। ऐसे सभी ढांचों को तय समय सीमा में हटाना होगा। कोर्ट ने कहा कि नियमों की अनदेखी कर किए गए निर्माण मानव जीवन के लिए खतरा बन रहे हैं और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायाधीश संदीप शाह की खंडपीठ ने यह टिप्पणी जोधपुर रिंग रोड क्षेत्र स्थित धर्मकांटों और रॉयल्टी नाकों से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की। कोर्ट के समक्ष पीडब्ल्यूडी, जोधपुर विकास प्राधिकरण और एनएचएआई की ओर से पेश किए गए पत्रों में बताया गया कि कई स्थानों पर सड़क सीमा के भीतर बिना अनुमति धर्मकांटे स्थापित कर दिए गए हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।

एक रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ऐसे ही एक स्थान से लगभग 300 मीटर की दूरी पर हुई सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो चुकी है। कोर्ट ने 20 जनवरी 2026 को एक अन्य मामले में दिए गए उस आदेश में आंशिक संशोधन भी किया, जिसमें याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई दमनात्मक कार्रवाई न करने की बात कही गई थी।

पीठ ने साफ किया कि यह राहत अवैध निर्माण को वैध नहीं बना सकती। खंडपीठ ने कहा कि नियमों के खिलाफ किया गया कोई भी निर्माण कानूनन गलत है और यदि ऐसे ढांचे बने रहेंगे तो वे दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं, इसलिए उन्हें हटाना अनिवार्य होगा।

तय की डेडलाइन

सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष की ओर से दो सप्ताह के भीतर अवैध निर्माण हटाने का आश्वासन दिया। हाईकोर्ट ने इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए निर्देश दिया कि 6 फरवरी 2026 तक सभी अवैध निर्माण हटाए जाएं। यदि ऐसा नहीं होता है तो जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभाग 9 फरवरी 2026 तक इन्हें हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

पूछा- कहां-कहां है अवैध निर्माण

कोर्ट ने राज्य सरकार और एनएचएआई को यह भी आदेश दिया कि वे शपथपत्र दाखिल कर बताएं कि प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों के किन-किन हिस्सों में नियमों के विरुद्ध निर्माण मौजूद हैं और उन्हें हटाने के लिए क्या कार्य योजना है। एनएचएआई को पूरे राजस्थान में हाइवे किनारे दूरी के मानकों के उल्लंघन पर एक स्वतंत्र रिपोर्ट भी पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।