जोधपुर, Jun 02, 2026

एम्स के डॉक्टर। फोटो पत्रिका नेटवर्क
AIIMS Jodhpur : जोधपुर। एम्स जोधपुर के चिकित्सकों ने एक ऐसी सर्जरी को अंजाम दिया है, जिसे प्रदेश के चिकित्सा इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है। संस्थान के डॉक्टरों ने 59 वर्षीय मरीज के पेट से 20.8 किलोग्राम वजन और 44 सेंटीमीटर से अधिक आकार का विशाल रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल दिया। एम्स के अनुसार यह राजस्थान में अब तक सफलतापूर्वक निकाला और रिपोर्ट किया गया सबसे बड़ा रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमर है, जबकि आकार के आधार पर यह देश के सबसे बड़े मामलों में शामिल है।
मरीज पिछले करीब एक साल से पेट में भारीपन और दर्द की समस्या से परेशान था। जांच में पता चला कि पेट के भीतर एक विशाल ट्यूमर विकसित हो चुका है, जो लगातार बढ़ता जा रहा था। मरीज का वजन लगभग 160 किलोग्राम होने के कारण बीमारी का पता लगाना भी चुनौतीपूर्ण रहा। विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक मोटापे की वजह से ऐसे ट्यूमर लंबे समय तक सामान्य वजन बढ़ने का भ्रम पैदा करते हैं।
ऑपरेशन के दौरान सामने आया कि ट्यूमर दाहिनी किडनी से पूरी तरह चिपका हुआ था। कैंसरयुक्त हिस्से को पूरी तरह हटाने के लिए चिकित्सकों को ट्यूमर के साथ दाहिनी किडनी भी निकालनी पड़ी। करीब साढ़े आठ घंटे तक चले ऑपरेशन में जनरल सर्जरी के डॉ. राधेश्याम सिंह, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग से डॉ. निवेदिता शर्मा एवं डॉ. धर्माराम पूनिया, यूरोलॉजी विभाग से डॉ. शिव चरण नावरिया और एनेस्थीसिया से डॉ. अनीता चौहान शामिल हुईं।
एम्स जोधपुर के कार्यकारी निदेशक प्रो जीडी पुरी ने बताया कि पेट में लगातार भारीपन, बिना कारण वजन घटना, थोड़ी मात्रा में भोजन के बाद पेट भर जाना, लगातार पेट या पीठ दर्द, कब्ज की शिकायत या पेट में गांठ महसूस होना ऐसे संकेत हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मोटापे से ग्रस्त मरीजों में ट्यूमर की पहचान देर से होने की आशंका अधिक रहती है। यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा क्षेत्र में नई मिसाल है बल्कि जटिल मामलों के उपचार में विशेषज्ञों की क्षमता और टीमवर्क का भी सशक्त प्रमाण प्रस्तुत करती है।
ट्यूमर का वजन : 20.8 किलोग्राम
आकार : 44 × 37 × 24 सेंटीमीटर
सर्जरी अवधि : 8 घंटे 30 मिनट
मरीज का वजन : लगभग 160 किलोग्राम
Published on: 02 Jun 2026 08:08 pm

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