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‘उसे पैसे से प्यार था…’ 7 साल का प्यार टूटा तो 24 साल के तुषार ने दे दी जान, मां ने बताया गर्लफ्रेंड का सच

झांसी में 24 वर्षीय तुषार पाखरे ने कथित प्रेम प्रसंग में विवाद के बाद 6 फरवरी को आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि प्रेमिका ने नौकरी छूटने और जाति का हवाला देकर रिश्ता तोड़ दिया।

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झांसी

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Anuj Singh

Feb 15, 2026

गर्लफ्रेंड से आखिरी मुलाकात के बाद युवक ने उठाया खौफनाक कदम

गर्लफ्रेंड से आखिरी मुलाकात के बाद युवक ने उठाया खौफनाक कदम

Jhansi Crime News: झांसी में एक युवक ने प्यार में धोखा खाकर अपनी जान दे दी। 24 साल के तुषार पाखरे ने 6 फरवरी को फंदे पर लटककर सुसाइड कर लिया। उसकी मां किरन पाखरे का कहना है कि बेटा सौम्या साहू के प्यार में पूरी तरह पागल था। लेकिन सौम्या को तुषार के प्यार से ज्यादा उसके पैसे से मोहब्बत थी। जब तुषार की नौकरी चली गई और कमाई कम हो गई, तो सौम्या ने ब्रेकअप कर दिया और जाति का बहाना बनाया।

मां किरन का दर्द भरा बयान

तुषार की मां किरन पाखरे ने बताया, "मेरा बेटा सौम्या के प्यार में इतना डूबा हुआ था कि वो उसकी दुनिया बन गई थी। लेकिन सौम्या को सिर्फ पैसों से प्यार था। जब तक बेटा अच्छी कमाई करता रहा, वो खुश रहती थी। नौकरी छूटते ही उसने परेशानी शुरू कर दी। कहने लगी कि शादी नहीं कर सकती क्योंकि तुम दलित हो और मैं ओबीसी।"
किरन ने आगे कहा कि बेटे ने ब्रेकअप का दर्द बर्दाश्त नहीं किया और उसने सुसाइड कर लिया। उन्होंने सौम्या पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए एससी-एसटी एक्ट के तहत FIR दर्ज कराई है।

तुषार का परिवार

तुषार पाखरे 24 साल का था और झांसी के बड़ागांव गेट बाहर मोहल्ले में रहता था। उसके पिता दिनेश पाखरे की बहुत पहले मौत हो चुकी है। परिवार पहले ओरछा गेट के पास रहता था। तुषार की मां किरन अकेले ही उसे पाल रही थीं। 2019 में तुषार गंज में राजीव सर की कोचिंग में पढ़ने जाता था। वहीं सौम्या साहू भी पढ़ने आती थी। दोनों की वहीं से दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। लगभग 7 साल तक दोनों का अफेयर चला। शुरुआत में सौम्या ने शादी के लिए हां कर दी थी। दोनों ने अपने परिवारों को इस बारे में बताया था। कई बार दोनों साथ घूमने भी गए थे।

नौकरी और प्यार का रिश्ता

पढ़ाई पूरी होने के बाद तुषार भोजला मंडी में नौकरी करने लगा। वहां वो हर महीने करीब 30 हजार रुपये कमाता था। तुषार अपना सारा पैसा सौम्या पर खर्च कर देता था। मां किरन का कहना है कि जब तक वो पैसा उड़ाता रहा, सौम्या खुश रहती थी। लेकिन जैसे ही जॉब छूटी, सौम्या को दिक्कत होने लगी। सौम्या ने पहले जाति की बात नहीं की थी। लेकिन बाद में उसने रंग बदल दिए। वो कहने लगी कि मैं शादी नहीं कर सकती। तुम खटीक (एससी) जाति से हो और मैं साहू (ओबीसी) से हूं। इसलिए ये रिश्ता नहीं चल सकता।" इसके बाद उसने ब्रेकअप कर लिया और तुषार से दूरी बना ली।

नई नौकरी और परेशानी बढ़ना

मंडी की नौकरी छूटने के बाद तुषार शिवम कलर लैब में काम करने लगा। लेकिन वहां सैलरी बहुत कम थी। जब सौम्या को यह पता चला तो उसने तुषार को और ज्यादा परेशान करना शुरू कर दिया। वो उसे टॉर्चर करती थी, फोन पर झगड़ा करती थी। मां किरन ने बताया कि मेरा बेटा सौम्या से इतना प्यार करता था कि मैंने कभी ऐसा पागलपन नहीं देखा। जब भी सौम्या का नाम आता, वो कहता, 'मम्मी मैं आशिकी-2 का हीरो हूं।' मैं समझाती कि ऐसी बातें मत करो, लेकिन वो कहता, 'मैं सौम्या के बिना जी नहीं सकता। किरन का मानना है कि सौम्या सिर्फ पैसे के लिए उसके साथ थी। अगर सच में प्यार होता तो बेटा ऐसा कदम नहीं उठाता।

आखिरी मुलाकात के बाद मौत

तुषार के दोस्त ऋषि तिवारी ने बताया कि पिछले कुछ समय से दोनों में झगड़े चल रहे थे। सौम्या ने ब्रेकअप कर लिया था और साथ रहने से साफ मना कर दिया था। दोनों की बातचीत ऋषि के जरिए होती थी। तुषार ने ऋषि से कहा कि एक बार आखिरी मुलाकात करवा दो। ऋषि ने सौम्या से बात की और वो मान गई। 6 फरवरी को ऋषि सौम्या को तुषार के घर छोड़कर चला गया। बाद में सौम्या ने ऋषि को बताया कि उसने साथ रहने से मना कर दिया है और वो घर जा रही है।

थोड़ी देर बाद उसे याद आया कि उसका पर्स तुषार के घर रह गया है। जब वो पर्स लेने वापस गई तो तुषार फंदे पर लटका हुआ मिला। सौम्या ने ही तुषार को फंदे से नीचे उतारा और ऋषि को फोन किया। ऋषि अपने दोस्तों के साथ पहुंचा। तुषार को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उस दिन तुषार की मां घर पर नहीं थीं। बेटे के अंतिम संस्कार के बाद उन्होंने सौम्या के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।