
झालावाड़ शहर में पीजी कॉलेज के पास लंबे समय से कॉलेज के छात्रावास अधीक्षक का खंडहर भवन मोहल्लेवासियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। किसी समय अधीक्षक आवास में करीब एक दर्जन कमरे बने हुए थे, जिसमें पीजी कॉलेज के हॉस्टल वार्डन रहते थे। लेकिन अभी ये खंडहर में तब्दील हो चुका है। इसका पूरा गेट टूटा हुआ है,ऐसे में यहां दिन में बच्चे खेलते रहते हैं। कभी उन पर भी गिर सकता है। आला अधिकारी अनदेखाकर निकल रहे- पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में आए दिन सरकारी योजनाओं व नई योजनाओं के लिए आयोजन होते हैं, उनमें शिक्षा विभाग के अधिकारियाें से लेकर जिला कलक्टर तक यहीं से होकर ऑडिटोरियम में जाते हैं। लेकिन उन्होने भी किसी इस तरफ ध्यान नहीं दिया है। ऐसे में यहां कभी बड़ा हादसा हो सकता है, जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण इन दिनों यह खंडहर नशेडियों का ठिकाना बना हुआ है।
कॉलेज प्रशासन द्वारा यहां ध्यान नहीं देने से छात्रावास के खंडहर आवास को आस-पास के लोगों ने कचरा पात्र बना दिया है। यहां लोग कचरा व टूटी मटकियां डाल रहे हैं। खंडहर में कचरे के साथ ही पेड़-पौधे उग रहे है। इससे सांप और जहरीले कीटों का डर बना हुआ है। बन सकता है आवास- कॉलेज प्रशासन इस भवन को ध्वस्त कर नया तीन मंजिला भवन बनाए तो यहां छात्रावास अधीक्षक के साथ ही कॉलेज की छात्राओं के रहने के लिए जगह मिल सकती है। इसके लिए जिला प्रशासन को पहल करनी होगी। ताकि कॉलेज के निकट ही बेस कीमती जमीन का उपयोग हो सकता है।
इसके लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग को बहुत पहले पत्र लिखकर दे रखा है। इसकी दीवार जल्दी ही गिरवाएंगे। उसके बाद क्या बनाएंगे इसके बारे में विचार करेंगे। प्रो. आरके मीणा, प्राचार्य, राजकीय पीजी कॉलेज, झालावाड़।
Published on:
13 Feb 2026 09:03 pm
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